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पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये महंगा
नई दिल्ली : रिलायंस इंडस्ट्रीज समर्थित जियो-बीपी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कंपनी ने पेट्रोल के दाम 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाए हैं। संशोधित कीमतें रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को सुबह 6 बजे से लागू हो गईं। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और उससे तैयार होने वाले ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से निजी ईंधन विक्रेताओं की लागत पर दबाव पड़ रहा है।
इस बढ़ोतरी का असर जियो-बीपी के पेट्रोल पंपों पर ईंधन भरवाने वाले ग्राहकों पर पड़ेगा। हालांकि, यह बढ़ोतरी देशभर के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू नहीं हुई है। सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम ने अपनी नियमित पेट्रोल-डीजल कीमतों में इस दौरान बदलाव नहीं किया है।
हरियाणा में पेट्रोल 109.80 रुपये प्रति लीटर
कीमतों में बढ़ोतरी के बाद हरियाणा में जियो-बीपी के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल लगभग 109.80 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.75 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया। राजस्थान में भी कंपनी ने पेट्रोल की कीमत 5 रुपये और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में स्थानीय करों और अन्य कारकों के कारण अंतिम कीमतों में अंतर हो सकता है। ग्राहकों के लिए यह अंतर समझना जरूरी है कि पेट्रोल और डीजल के दाम केवल कंपनी के आधार पर ही नहीं, बल्कि शहर और स्थानीय करों के आधार पर भी अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए वाहन में ईंधन भरवाने से पहले संबंधित पेट्रोल पंप पर प्रदर्शित कीमत देखना उपयोगी रहेगा।
10 दिन में दूसरी निजी कंपनी ने बढ़ाए दाम
जियो-बीपी से पहले नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए थे। कंपनी ने 3 अक्टूबर 2026 को पेट्रोल की कीमत 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई थी। नायरा एनर्जी देशभर में 7,000 से अधिक पेट्रोल पंप संचालित करती है। इसके बाद जियो-बीपी का कीमतें बढ़ाने का फैसला निजी ईंधन खुदरा बाजार में लागत के दबाव को दर्शाता है। इस तरह अक्टूबर के शुरुआती 10 दिनों में दो प्रमुख निजी ईंधन कंपनियों ने कीमतों में बढ़ोतरी की है। हालांकि, इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि देश की सभी तेल कंपनियां भी कीमतें बढ़ाने जा रही हैं। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल अपने नियमित खुदरा दाम स्थिर रखे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में महंगे कच्चे तेल का असर
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव का प्रभाव पड़ता है। कच्चे तेल की खरीद, रिफाइनिंग, परिवहन और वितरण से जुड़ी लागत भी ईंधन कारोबार को प्रभावित करती है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव का असर घरेलू तेल कंपनियों की लागत पर पड़ सकता है। जब ईंधन की खरीद और उससे जुड़े खर्च बढ़ते हैं, तो कंपनियों के सामने अपनी कीमतों और कारोबार के मार्जिन को संतुलित करने की चुनौती आती है। जियो-बीपी और नायरा एनर्जी की हालिया बढ़ोतरी को भी इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। हालांकि, कंपनियों की ओर से भविष्य में कीमतों में होने वाले बदलाव को लेकर कोई निश्चित घोषणा सामने नहीं आई है।
ग्राहकों के बजट पर कितना पड़ेगा असर?
पेट्रोल की कीमत में 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का मतलब है कि 10 लीटर पेट्रोल भरवाने पर ग्राहक को पहले के मुकाबले 50 रुपये अधिक देने होंगे। इसी तरह, डीजल की कीमत 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ने से 10 लीटर डीजल भरवाने पर 30 रुपये अतिरिक्त खर्च होंगे।
निजी पेट्रोल पंपों से नियमित रूप से ईंधन खरीदने वाले लोगों के मासिक खर्च में इससे बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, डीजल पर निर्भर वाहन संचालकों के लिए भी ईंधन की कीमत महत्वपूर्ण है। हालांकि, परिवहन लागत या अन्य वस्तुओं की कीमतों पर कितना असर पड़ेगा, यह संबंधित परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। फिलहाल जियो-बीपी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी लागू कर दी है, जबकि सरकारी तेल कंपनियों के नियमित दाम स्थिर हैं। ग्राहकों को अपने शहर में लागू कीमतों की जानकारी लेकर ही ईंधन भरवाने का फैसला करना चाहिए।
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