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Order. के बाद कई कंपनियों के शेयरों में बढ़त

Ratna Netam
6 July 2026 5:11 PM IST
Order. के बाद कई कंपनियों के शेयरों में बढ़त
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Mumbai मुंबई : भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) द्वारा सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए लगभग 52,000 करोड़ रुपये के हथियारों की खरीद को मंजूरी दिए जाने के बाद सोमवार को डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। इस फैसले से निवेशकों का भरोसा बढ़ा और कई प्रमुख रक्षा कंपनियों के शेयरों में इंट्राडे में मजबूती दर्ज की गई।सबसे ज्यादा बढ़त नवरत्न पीएसयू भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के शेयर में देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर इसका शेयर दिन के दौरान 2.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ 429.90 रुपये तक पहुंच गया। दोपहर करीब एक बजे यह 424.10 रुपये पर 1.46 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार कर रहा था।

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के शेयरों में भी तेजी दर्ज की गई। यह शेयर 1.55 प्रतिशत बढ़कर 4,497 रुपये तक पहुंच गया, जबकि बाद में यह 4,449 रुपये पर 0.46 प्रतिशत की मजबूती के साथ ट्रेड करता देखा गया।मिश्र धातु निगम लिमिटेड (Mishra Dhatu Nigam) के शेयर 3.32 प्रतिशत बढ़कर 441.70 रुपये तक पहुंचे, जबकि बाद में 1.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 435 रुपये पर कारोबार करते रहे।

मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड के शेयर इंट्राडे में 2,582 रुपये के उच्च स्तर तक पहुंचे। बाद में यह 0.99 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,568 रुपये पर ट्रेड करते रहे। इसी तरह गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स के शेयर 1.69 प्रतिशत बढ़कर 2,793.30 रुपये तक पहुंचे और बाद में 2,751 रुपये पर मामूली तेजी के साथ बने रहे। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के शेयरों में भी इंट्राडे में बढ़त देखी गई और यह 1,542 रुपये के स्तर तक पहुंच गए।यह तेजी उस समय आई जब शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई डीएसी बैठक में लगभग 52,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत खरीद प्रस्तावों के लिए ‘Acceptance of Necessity’ (AoN) को मंजूरी दी गई। डीएसी देश में रक्षा खरीद से जुड़े बड़े निर्णय लेने वाली सर्वोच्च संस्था है।

इन मंजूरियों में एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल, मैन-पोर्टेबल एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल सिस्टम, मीडियम रेंज सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली, बहुत कम दूरी के एयर डिफेंस सिस्टम, कामिकाजे ड्रोन, नौसैनिक अनमैन्ड एरियल सिस्टम और उच्च ऊंचाई निगरानी प्लेटफॉर्म जैसी आधुनिक रक्षा तकनीकों की खरीद शामिल है।विशेषज्ञों के अनुसार, इस बड़े रक्षा खर्च से घरेलू डिफेंस कंपनियों के ऑर्डर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे आने वाले समय में इस सेक्टर में और मजबूती देखी जा सकती है।

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