
New Delhi नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते के संकेतों के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में बदलाव देखने को मिल रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के दोबारा सामान्य रूप से खुलने की उम्मीद के चलते कच्चे तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की कीमतों में नरमी आने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस क्षेत्र में लंबे समय से बने तनाव और आपूर्ति बाधाओं के कारण ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई थी, लेकिन अब हालात में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद ने वैश्विक बाजार में जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम को पहले ही कम कर दिया है।
इसके असर से ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत अपने हाल के उच्चतम स्तर से करीब 20 प्रतिशत तक नीचे आ गई है। इसी तरह, LNG के बेंचमार्क दामों में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ऊर्जा आयात करने वाले देशों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, जानकारों का कहना है कि पूरी तरह स्थिरता आने में अभी समय लग सकता है। सप्लाई चेन में रुकावट, कई क्षेत्रों में कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक स्तर पर कम इन्वेंट्री के कारण ऊर्जा बाजार में आने वाले महीनों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि भले ही मौजूदा संकेत सकारात्मक हैं, लेकिन बाजार अभी भी संवेदनशील स्थिति में है और किसी भी नए भू-राजनीतिक घटनाक्रम का सीधा असर कीमतों पर देखने को मिल सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक मांग और आपूर्ति के बीच असंतुलन, साथ ही उत्पादन स्तर में अनिश्चितता, आने वाले समय में कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए बाजार में स्थिरता आने के लिए दीर्घकालिक समाधान और भरोसेमंद आपूर्ति व्यवस्था जरूरी होगी।
फिलहाल, निवेशकों और ऊर्जा कंपनियों की नजर अमेरिका-ईरान वार्ता और होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति पर टिकी हुई है, क्योंकि यही आने वाले महीनों में वैश्विक ऊर्जा कीमतों की दिशा तय करेंगे।





