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आज फिर महंगी हुई चांदी आपके शहर में क्या है प्रति किलो कीमत

Ratna Netam
7 Aug 2026 8:25 PM IST
आज फिर महंगी हुई चांदी आपके शहर में क्या है प्रति किलो कीमत
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नई दिल्ली : सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। एक ही कारोबारी दिन में चांदी करीब 8,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक महंगी हो गई, जिससे निवेशकों और आभूषण खरीदने वालों का ध्यान एक बार फिर इस कीमती धातु की ओर गया है। गुरुवार को जहां चांदी 1,575 रुपये की गिरावट के साथ लगभग 2.25 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, वहीं शुक्रवार को इसमें जबरदस्त रिकवरी दर्ज की गई और इसका भाव बढ़कर लगभग 2.33 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पहुंच गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग और आर्थिक अनिश्चितता के कारण आने वाले दिनों में भी चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को एक किलोग्राम चांदी का भाव करीब 2.33 लाख रुपये दर्ज किया गया। यहां एक दिन में लगभग 7,500 रुपये की तेजी देखने को मिली। वहीं 10 ग्राम चांदी का भाव करीब 2,337 रुपये और 100 ग्राम चांदी की कीमत लगभग 23,370 रुपये रही। दिल्ली के ज्वैलरी कारोबारियों का कहना है कि औद्योगिक मांग के साथ-साथ निवेशकों की खरीदारी भी लगातार बढ़ रही है, जिससे कीमतों को मजबूती मिल रही है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी चांदी की कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया। यहां एक किलोग्राम चांदी का भाव लगभग 2,35,055 रुपये पहुंच गया। गुरुवार की तुलना में इसमें करीब 7,449 रुपये की बढ़ोतरी हुई। स्थानीय बाजार में ज्वैलर्स का कहना है कि शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन से पहले मांग बढ़ने की उम्मीद के चलते भी बाजार में तेजी का माहौल बना हुआ है।
बिहार की राजधानी पटना में चांदी का भाव लगभग 2.33 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रहा। यहां भी कीमतों में करीब 7,600 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं राजस्थान की राजधानी जयपुर में चांदी 2,33,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जहां एक दिन में लगभग 7,600 रुपये का उछाल देखने को मिला। मुंबई में भी चांदी की कीमत बढ़कर लगभग 2,33,742 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में करीब 7,700 रुपये अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में तेजी आने का सबसे बड़ा कारण वैश्विक औद्योगिक मांग है। इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), सोलर पैनलों, बैटरियों, इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-टेक उपकरणों के निर्माण में चांदी का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीक की दिशा में दुनिया भर में बढ़ते निवेश के कारण चांदी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उद्योगों की इस बढ़ती जरूरत का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
दूसरा प्रमुख कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग है। जब दुनिया में आर्थिक जोखिम, भू-राजनीतिक तनाव या वित्तीय अस्थिरता बढ़ती है तो निवेशक सोने के साथ-साथ चांदी को भी सुरक्षित निवेश मानकर खरीदारी बढ़ा देते हैं। इस समय मध्य-पूर्व में जारी तनाव, वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर बनी चिंताएं और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने भी चांदी की कीमतों को मजबूती दी है।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि सोने की लगातार बढ़ती कीमतों का असर चांदी पर भी पड़ रहा है। जब सोना महंगा हो जाता है तो कई निवेशक अपेक्षाकृत कम कीमत वाली चांदी में निवेश करना पसंद करते हैं। इससे चांदी की मांग बढ़ती है और उसकी कीमतों में भी तेजी आती है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े निवेशकों और संस्थागत फंडों ने भी चांदी की खरीद बढ़ाई है, जिससे कीमतों को अतिरिक्त समर्थन मिला है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहीं और औद्योगिक मांग मजबूत रही तो आने वाले समय में चांदी की कीमतों में और तेजी देखने को मिल सकती है। हालांकि निवेशकों को बाजार की अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति चांदी के आभूषण खरीदने की योजना बना रहा है, तो उसे प्रमाणित और हॉलमार्क उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। वहीं निवेश के उद्देश्य से खरीदारी करने वालों के लिए बाजार के रुझानों और अंतरराष्ट्रीय संकेतों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा। फिलहाल चांदी की रिकॉर्ड तेजी ने एक बार फिर इसे निवेशकों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है।
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