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लिस्टिंग गेन के बाद ठहराव: जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर सपाट स्तर पर

Tara Tandi
28 Oct 2026 1:39 PM IST
लिस्टिंग गेन के बाद ठहराव: जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर सपाट स्तर पर
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मुंबई: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम सब्सिडियरी, जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड के शेयरों ने बुधवार को NSE और BSE पर शानदार शुरुआत की। इससे पहले कंपनी का 30,213 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) आया था।
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर BSE और NSE पर 1,358 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए, जो 1,119 रुपये प्रति शेयर के इश्यू प्राइस से 21.36 प्रतिशत अधिक (प्रीमियम) है। लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का मार्केट कैपिटलाइजेशन 12.5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जिससे यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी लिस्टेड कंपनी बन गई है।
यह पब्लिक इश्यू, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO था, निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा और कुल मिलाकर 22.19 गुना सब्सक्राइब हुआ। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) सबसे आगे रहे, जिन्होंने अपने लिए आरक्षित हिस्से से 70.55 गुना अधिक बोली लगाई।
निवेशक अब यह देखेंगे कि क्या कंपनी अपने रेवेन्यू ग्रोथ को बनाए रख पाती है, मुनाफे में सुधार कर पाती है और मजबूत कैश फ्लो बनाए रखते हुए अपने विस्तार की योजनाओं को लागू कर पाती है। शानदार शुरुआत के बाद, इसके शेयर सपाट (बिना किसी बड़े बदलाव के) कारोबार करते दिखे।
ब्रोकरेज फर्मों - नोमुरा, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज और एलारा सिक्योरिटीज - ​​ने जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों पर 'बाय' (खरीदने) की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया है।
नोमुरा का कहना है कि जियो, जो कभी मार्केट में हलचल मचाने वाला (disruptor) था, अब एक लीडर बन गया है। देश के कुल वायरलेस सब्सक्राइबर्स में इसकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत, डेटा ट्रैफिक में 60 प्रतिशत और होम ब्रॉडबैंड में 43 प्रतिशत है। नोमुरा ने कहा, "हमारी राय में, इस लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स - जो कीमतों को तय करने वाला (price setter) है - टैरिफ (दरों) में लगातार बढ़ोतरी कर सकता है, जिसका अनुसरण अन्य कंपनियां भी कर सकती हैं। हमारा अनुमान है कि FY26-29 के दौरान EBITDA CAGR 13.5 प्रतिशत रहेगा।"
इसने जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों पर 'बाय' रेटिंग और 1,340 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है।
मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि बढ़ता मुनाफा और सीमित कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) मिलकर FY26-29 के दौरान 1.46 लाख करोड़ रुपये का कुल फ्री कैश फ्लो (FCF) पैदा करेंगे। इससे जियो प्लेटफॉर्म्स FY29 तक 'नेट कैश' की स्थिति (यानी बिना किसी कर्ज के कैश सरप्लस वाली स्थिति) में आ सकता है। इसने 'बाय' (खरीदने की) रेटिंग और 1,350 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ कवरेज शुरू किया है।
ब्रोकरेज फर्म का मानना ​​है कि निकट भविष्य में जियो प्लेटफॉर्म्स, भारती के भारतीय कारोबार की तुलना में प्रीमियम पर ट्रेड कर सकता है। इसकी वजह बाजार में इसकी अग्रणी स्थिति, इंडस्ट्री टैरिफ पर इसका अधिक प्रभाव और कम लिक्विडिटी (3 प्रतिशत से कम फ्री फ्लोट) है।
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