
नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी स्विगी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए बिना ऑडिट किए गए कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणाम घोषित किए, जिसमें कंपनी को ₹791 करोड़ का नेट लॉस दर्ज हुआ है।
कंपनी के अनुसार, यह घाटा पिछली तिमाही और पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम हुआ है। स्विगी ने अपने कारोबार में आय बढ़ने और परिचालन प्रदर्शन में सुधार का संकेत दिया है।
घाटे में आई कमी
स्विगी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस जून 2026 तिमाही में ₹791 करोड़ रहा। इसकी तुलना में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी को ₹800 करोड़ का नुकसान हुआ था, जबकि वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में नेट लॉस ₹1,197 करोड़ था।
आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने पिछले साल की समान अवधि की तुलना में घाटे को काफी हद तक कम किया है। हालांकि, कंपनी अभी भी मुनाफे की स्थिति में नहीं पहुंची है, लेकिन नुकसान में लगातार कमी को कारोबार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
रेवेन्यू में मजबूत बढ़ोतरी
स्विगी ने बताया कि जून तिमाही में ऑपरेशन्स से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹6,812 करोड़ रहा। यह पिछली तिमाही के ₹6,383 करोड़ और पिछले साल की इसी अवधि के ₹4,961 करोड़ से अधिक है।
कंपनी की कुल आय इस तिमाही में ₹7,023 करोड़ रही। राजस्व में वृद्धि से संकेत मिलता है कि स्विगी के प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर और कारोबार गतिविधियों में बढ़ोतरी हुई है।
फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स पर फोकस
स्विगी का कारोबार मुख्य रूप से फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेवाओं पर आधारित है। कंपनी लगातार अपने ग्राहक आधार को बढ़ाने और डिलीवरी नेटवर्क को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
क्विक कॉमर्स सेगमेंट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच स्विगी अपनी सेवाओं का विस्तार कर रही है। कंपनी का इंस्टामार्ट कारोबार तेजी से बढ़ते ऑनलाइन ग्रॉसरी और जरूरी सामान की डिलीवरी बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
खर्च और निवेश का असर
स्विगी जैसी डिजिटल कंपनियां अपने विस्तार, तकनीकी विकास, डिलीवरी नेटवर्क और ग्राहक अधिग्रहण पर लगातार निवेश करती रही हैं। इन क्षेत्रों में होने वाले खर्च का असर कंपनी के मुनाफे पर दिखाई देता है।
हालांकि, कंपनी का कहना है कि बढ़ते राजस्व और बेहतर परिचालन क्षमता के जरिए वह धीरे-धीरे वित्तीय प्रदर्शन में सुधार कर रही है।
बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। स्विगी का मुकाबला अन्य प्रमुख कंपनियों से है, जो ग्राहकों को तेज डिलीवरी, आकर्षक ऑफर और बेहतर सेवाएं देने की कोशिश कर रही हैं।
ऐसे माहौल में कंपनी के लिए लागत नियंत्रण के साथ-साथ ग्राहक अनुभव को बेहतर बनाए रखना महत्वपूर्ण चुनौती है।
निवेशकों की नजर कंपनी की रणनीति पर
स्विगी के तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों की नजर कंपनी की आगे की रणनीति और मुनाफे की राह पर बनी हुई है। राजस्व में वृद्धि और घाटे में कमी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
कंपनी को अब अपने कारोबार विस्तार और परिचालन दक्षता के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा।
भविष्य की योजनाओं पर जोर
स्विगी लगातार अपने प्लेटफॉर्म को मजबूत करने, नई सेवाएं जोड़ने और ग्राहकों तक बेहतर पहुंच बनाने पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य लंबे समय में स्थायी विकास और लाभप्रदता हासिल करना है।
जून तिमाही के परिणामों से यह स्पष्ट है कि कंपनी के राजस्व में वृद्धि जारी है और नुकसान का स्तर कम हुआ है। हालांकि, मुनाफे में आने के लिए स्विगी को अभी और सुधार करने होंगे।





