
Mumbai मुंबई : बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर तेजी देखने को मिली। सकारात्मक वैश्विक संकेतों और निवेशकों की खरीदारी के चलते लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में घरेलू बाजार हरे निशान में बंद हुआ। गुरुवार को सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांकों में 1 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
कारोबार समाप्त होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 827.57 अंक यानी 1.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 77,569.39 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी-50 244.10 अंक यानी 1.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,206.90 अंक पर पहुंच गया।
दिनभर के कारोबार में बाजार में मजबूती बनी रही। सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 76,741.82 अंक से 653.81 अंक यानी 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,395.63 अंक पर खुला। इसके बाद खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स ने दिन के दौरान 77,642.23 अंक का उच्चतम स्तर भी छुआ, जो पिछले बंद स्तर से करीब 900 अंक अधिक था।
इसी तरह निफ्टी में भी शुरुआत से ही तेजी का माहौल रहा। निवेशकों ने बैंकिंग, आईटी, ऑटो और अन्य प्रमुख सेक्टरों के शेयरों में खरीदारी दिखाई, जिससे बाजार को मजबूती मिली। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भी घरेलू बाजार के सेंटीमेंट को बेहतर किया।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी को प्राथमिकता दी। इसके अलावा विदेशी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में आई तेजी ने बाजार को सहारा दिया।
कारोबार के दौरान कई प्रमुख सेक्टरों में तेजी देखने को मिली। बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली। वहीं, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।
हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर अभी जारी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेत, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, कंपनियों के तिमाही नतीजे और घरेलू आर्थिक आंकड़े बाजार की दिशा तय करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली थी, जिसके बाद निवेशकों में सतर्कता का माहौल था। लेकिन अगले ही सत्र में बाजार ने रिकवरी करते हुए मजबूती दिखाई और प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए।
विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार में गिरावट के दौरान अच्छे शेयरों में निवेश के अवसर बन सकते हैं। वहीं, छोटी अवधि के निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए सावधानी से फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।





