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इन निवेशकों के पोर्टफोलियो में 40% तक उछाल

Ratna Netam
12 Aug 2026 5:47 PM IST
इन निवेशकों के पोर्टफोलियो में 40% तक उछाल
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पोर्टफोलियो की वैल्यू में बड़ी वृद्धि हुई।
बिजनेस : मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव का असर भारत समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला। भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और निवेशकों की चिंता के कारण बाजार में काफी अस्थिरता रही। हालांकि, इसी उतार-चढ़ाव के बीच कुछ बड़े भारतीय निवेशकों के पोर्टफोलियो में शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली। बाजार में तनाव कम होने और कई शेयरों में तेजी लौटने का फायदा इन दिग्गज निवेशकों को मिला। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी अप्रैल से जून 2026 के दौरान कई प्रमुख निवेशकों के सार्वजनिक रूप से घोषित पोर्टफोलियो की वैल्यू में बड़ी वृद्धि हुई।
Primeinfobase के आंकड़ों के आधार पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस अवधि में दिग्गज निवेशक आशीष धवन का पोर्टफोलियो करीब 40 प्रतिशत बढ़ा। जून तिमाही के अंत तक उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़कर लगभग 2,718 करोड़ रुपये हो गई। 30 जून तक उनकी प्रमुख होल्डिंग्स में रेलिगेयर एंटरप्राइजेज, M&M फाइनेंशियल सर्विसेज और इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक शामिल रहे। तिमाही के दौरान उन्होंने रेलिगेयर एंटरप्राइजेज, इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक, IIFL फाइनेंस, क्वेस्स कॉर्प और ब्लूस्प्रिंग एंटरप्राइजेज में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई।
दूसरे बड़े निवेशक आशीष कचोलिया के पोर्टफोलियो में भी करीब 40 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। जून 2026 तिमाही में उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू बढ़कर लगभग 1,934 करोड़ रुपये हो गई। शैली इंजीनियरिंग प्लास्टिक, नॉलेज मरीन और सफारी इंडस्ट्रीज उनकी प्रमुख होल्डिंग्स में शामिल रहीं। हालांकि, इस अवधि में उन्होंने किसी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के बजाय कुछ कंपनियों में हिस्सेदारी घटाई। इनमें बीटा ड्रग्स, फाइनोटेक्स केमिकल, यशो इंडस्ट्रीज, जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज, SG फिनसर्व और वालचंदनगर इंडस्ट्रीज शामिल हैं।
हेमेंद्र कोठारी भी उन निवेशकों में रहे जिन्हें पहली तिमाही में शानदार फायदा हुआ। उनका पोर्टफोलियो करीब 38 प्रतिशत बढ़कर लगभग 6,170 करोड़ रुपये पहुंच गया। एल्काइल एमाइन्स केमिकल्स, सोनाटा सॉफ्टवेयर और EIH एसोसिएटेड होटल्स उनकी प्रमुख होल्डिंग्स में शामिल हैं। पोर्टफोलियो की इस बढ़ोतरी से संकेत मिलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद उनके निवेश वाली कंपनियों के शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
दिग्गज निवेशक विजय केडिया के पोर्टफोलियो में भी करीब 36 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई। 30 जून 2026 तक उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू लगभग 1,219 करोड़ रुपये हो गई। इस दौरान उन्होंने वैभव ग्लोबल, वेबसोल एनर्जी सिस्टम और ईमको एलेकॉन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई, जबकि ग्लोबल वेक्ट्रा हेलिकॉर्प में हिस्सेदारी कम की।
आकाश भंसाली का पोर्टफोलियो भी पहली तिमाही में करीब 30 प्रतिशत बढ़कर लगभग 7,501 करोड़ रुपये हो गया। गुजरात फ्लोरोकेमिकल्स, लॉरस लैब्स और वन97 कम्युनिकेशंस उनकी प्रमुख होल्डिंग्स में शामिल रहीं। तिमाही के दौरान उन्होंने ग्रीनलाम इंडस्ट्रीज, एप्टस वैल्यू हाउसिंग फाइनेंस, दिलीप बिल्डकॉन और सनफ्लैग आयरन एंड स्टील में खरीदारी बढ़ाई। वहीं श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर और वेल्सपन लिविंग में उनकी हिस्सेदारी घटी।
इसके अलावा मुकुल अग्रवाल के पोर्टफोलियो की वैल्यू करीब 28 प्रतिशत बढ़कर 6,029 करोड़ रुपये हो गई। नेमिष शाह के पोर्टफोलियो में लगभग 20 प्रतिशत, मधुसूदन केला के पोर्टफोलियो में 34 प्रतिशत, अनिल कुमार गोयल के पोर्टफोलियो में 17 प्रतिशत और राधाकिशन दमानी के पोर्टफोलियो में करीब 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से साफ है कि बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद कुछ अनुभवी निवेशकों ने अपने पोर्टफोलियो को बेहतर तरीके से संभाला। हालांकि, पोर्टफोलियो की वैल्यू में बढ़ोतरी को सीधे तौर पर मुनाफा या वास्तविक कमाई नहीं माना जा सकता, क्योंकि शेयरों की बाजार कीमत बदलने के साथ होल्डिंग्स की वैल्यू भी बढ़ती-घटती रहती है। निवेशकों के लिए यह आंकड़े बाजार की दिशा और इन दिग्गजों की निवेश रणनीति को समझने का एक संकेत जरूर देते हैं।
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