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AI के लिए नहीं छोड़ना पड़ेगा WhatsApp नए फीचर की टेस्टिंग शुरू

nidhi
5 Sept 2026 11:06 AM IST
AI के लिए नहीं छोड़ना पड़ेगा WhatsApp नए फीचर की टेस्टिंग शुरू
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AI फीचर थर्ड पार्टी बॉट्स से सीधे कर सकेंगे चैट

टेक डेस्क: WhatsApp एक ऐसे नए फीचर की टेस्टिंग कर रहा है, जो मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल का तरीका बदल सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी थर्ड-पार्टी AI एजेंट और बॉट्स को सीधे WhatsApp अकाउंट से कनेक्ट करने की सुविधा पर काम कर रही है। इसके बाद यूजर्स अलग-अलग AI सेवाओं से WhatsApp के अंदर ही चैट कर सकेंगे और इसके लिए बार-बार दूसरी ऐप खोलने की जरूरत नहीं होगी। फिलहाल यह फीचर सीमित संख्या में Android बीटा यूजर्स के लिए उपलब्ध बताया गया है।

हर AI एजेंट के लिए होगी अलग चैट
इस फीचर की खास बात यह है कि कनेक्ट किया गया प्रत्येक थर्ड-पार्टी AI एजेंट WhatsApp में अलग चैट के रूप में दिखाई देगा। इसका अनुभव सामान्य WhatsApp चैट जैसा हो सकता है। यूजर AI एजेंट को मैसेज भेजकर सवाल पूछ सकेगा और उससे जवाब प्राप्त कर सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक एक WhatsApp अकाउंट से अधिकतम पांच AI एजेंट कनेक्ट करने का विकल्प दिया जा सकता है। इससे यूजर अलग-अलग कामों के लिए अलग AI असिस्टेंट इस्तेमाल कर सकेगा।
पर्सनल चैट का एक्सेस नहीं मिलेगा
प्राइवेसी के लिहाज से महत्वपूर्ण बात यह है कि कनेक्ट किए गए थर्ड-पार्टी AI एजेंट को यूजर की दूसरी निजी WhatsApp चैट का अपने आप एक्सेस नहीं मिलेगा। AI एजेंट के साथ बातचीत उसकी अलग चैट में होगी। यानी किसी एजेंट को जोड़ने का मतलब यह नहीं होगा कि वह आपके दोस्तों या परिवार के साथ हुई बातचीत पढ़ सकेगा। हालांकि AI एजेंट के साथ की गई बातचीत के लिए प्राइवेसी व्यवस्था सामान्य पर्सनल WhatsApp चैट से अलग हो सकती है।
End-to-End Encryption को लेकर जरूरी बात
WhatsApp पर दोस्तों और परिवार के बीच होने वाली सामान्य निजी बातचीत एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती है। लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक थर्ड-पार्टी AI एजेंट के साथ होने वाली चैट जरूरी नहीं कि उसी तरह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हो। एजेंट उपलब्ध कराने वाली कंपनी संदेशों को प्रोसेस कर सकती है। इसलिए ऐसे AI बॉट से संवेदनशील व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा करने से पहले उसकी प्राइवेसी पॉलिसी समझना महत्वपूर्ण होगा।
कैसे कनेक्ट होगा AI एजेंट?
टेस्टिंग में सामने आए फीचर के अनुसार WhatsApp की सेटिंग्स में AI एजेंट से जुड़ा नया विकल्प मिल सकता है। यहां यूजर किसी समर्थित थर्ड-पार्टी एजेंट को अपने अकाउंट से लिंक कर सकेगा। कनेक्शन पूरा होने के बाद उस AI एजेंट की अलग चैट बन जाएगी। इसके बाद सामान्य मैसेज की तरह AI को सवाल या निर्देश भेजे जा सकेंगे। अगर यूजर किसी एजेंट का इस्तेमाल नहीं करना चाहता तो उसे डिस्कनेक्ट करने का विकल्प भी मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल सीमित यूजर्स के बीच टेस्टिंग
यह सुविधा अभी सभी WhatsApp यूजर्स के लिए जारी नहीं की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक इसे WhatsApp Beta for Android 2.26.35.3 में देखा गया है और सीमित बीटा यूजर्स तक पहुंचाया जा रहा है। टेस्टिंग सफल होने के बाद इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल कंपनी की ओर से दुनिया भर के सभी यूजर्स के लिए इसकी निश्चित रिलीज डेट घोषित नहीं की गई है। इसलिए सामान्य WhatsApp ऐप में यह विकल्प अभी दिखाई न दे तो इसका मतलब है कि फीचर आपके अकाउंट के लिए उपलब्ध नहीं हुआ है।
EU में AI चैटबॉट एक्सेस को लेकर चल चुका है विवाद
यह बदलाव ऐसे समय सामने आया है जब WhatsApp पर प्रतिद्वंद्वी AI चैटबॉट्स की उपलब्धता को लेकर यूरोप में नियामकीय विवाद चल चुका है। जून 2026 में यूरोपीय संघ के प्रतिस्पर्धा नियामकों ने Meta को प्रतिद्वंद्वी AI चैटबॉट्स को WhatsApp तक मुफ्त पहुंच देने का आदेश दिया था, जबकि इस मामले में प्रतिस्पर्धा संबंधी जांच जारी है। नया फीचर व्यापक स्तर पर उपलब्ध होता है तो WhatsApp सिर्फ मैसेजिंग और कॉलिंग ऐप के बजाय अलग-अलग AI एजेंट तक पहुंचने का एक हब भी बन सकता है। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह होगा कि कौन-कौन से AI एजेंट समर्थित होंगे, यह सुविधा किन देशों में मिलेगी और थर्ड-पार्टी AI चैट के डेटा को किस तरह संभाला जाएगा।
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