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संघर्ष की कहानी: कर्ज लेकर पढ़ाया, अब IIT में मिलेगा दाखिला

Saba Naaz
14 Jun 2026 3:05 PM IST
संघर्ष की कहानी: कर्ज लेकर पढ़ाया, अब IIT में मिलेगा दाखिला
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Career:सावन कुमार की प्रेरणादायक सफलता: संघर्षों से लड़कर हासिल की जेईई एडवांस्ड 2026 में AIR 22 रैंक | बिहार के समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर गांव के रहने वाले किसान परिवार के बेटे सावन कुमार ने कठिन परिस्थितियों को हराकर देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड 2026 में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 70% दिव्यांगता के बावजूद उन्होंने PwD श्रेणी में ऑल इंडिया रैंक 22 प्राप्त की है। साथ ही OBC-NCL PwD कैटेगरी में उन्हें AIR 9 और कॉमन रैंक लिस्ट में 17,532वीं रैंक मिली है। उनकी सफलता ने पूरे देश में प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है।

सावन कुमार को दो साल की उम्र में पोलियो हो गया था, जिससे उनके दोनों पैरों में गंभीर शारीरिक अक्षमता आ गई। चलने-फिरने में कठिनाई के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई को कभी बाधित नहीं होने दिया। उनके पिता प्रभु राय एक बंटाईदार किसान हैं, जो दूसरों के खेतों पर काम करके परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि मां गृहिणी हैं।

आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद परिवार ने कर्ज लेकर सावन की पढ़ाई जारी रखी और उन्हें राजस्थान के कोटा भेजा। वहां एक कोचिंग संस्थान ने भी उनकी स्थिति को देखते हुए फीस में 80 प्रतिशत छूट दी। सावन ने इससे पहले जेईई मेन 2026 में 99.14 परसेंटाइल स्कोर किया था, जिससे उनकी प्रतिभा पहले ही साबित हो चुकी थी।

सावन ने सिमुलतला आवासीय विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की और 10वीं में बिहार बोर्ड की मेरिट लिस्ट में 10वां स्थान हासिल किया था। अब उनका लक्ष्य देश के किसी भी टॉप IIT से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना है। इसके बाद वे UPSC परीक्षा देकर प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज की सेवा करना चाहते हैं।

सावन कुमार की यह सफलता केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि संघर्ष, हिम्मत और परिवार के त्याग की कहानी है, जो लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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