
Career:बीमारी और आर्थिक तंगी के बावजूद MP के आयुष स्वामी ने हासिल की UPSC में सफलता
मध्य प्रदेश के एक छोटे से कस्बे बैंडखेड़ी के रहने वाले आयुष स्वामी ने कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया रैंक 461 हासिल की है। उनकी सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं।
आयुष एक साधारण परिवार से आते हैं। उनके पिता सरकारी प्राथमिक स्कूल में शिक्षक हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। बचपन से ही उनका सपना प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज और देश के लिए काम करने का था। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विज्ञान विषय से पढ़ाई करने के बाद स्नातक के लिए कला संकाय का चयन किया।
आयुष के जीवन में एक समय ऐसा भी आया जब गंभीर बीमारी ने उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर दिया। दसवीं कक्षा के दौरान एक दवा के रिएक्शन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें लगभग एक वर्ष तक भोपाल के अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। अस्पताल से लौटने के बाद बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए उनके पास केवल एक महीना था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और 10वीं में 88 प्रतिशत अंक हासिल किए।
यूपीएससी की तैयारी के दौरान आर्थिक चुनौतियां भी सामने आईं। परिवार की स्थिति ऐसी नहीं थी कि उन्हें दिल्ली भेजा जा सके। इस बीच उन्होंने एक छात्रवृत्ति परीक्षा पास की, जिससे इंदौर में मुफ्त कोचिंग का अवसर मिला। हालांकि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण उन्हें वापस गांव लौटना पड़ा। इसके बाद आयुष ने मोबाइल फोन, इंटरनेट और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री के सहारे घर से ही तैयारी जारी रखी। करीब दो वर्षों तक उन्होंने डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई कर अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए।
यूपीएससी की यात्रा में उन्हें असफलताओं का भी सामना करना पड़ा। पहले प्रयास में वह इंटरव्यू तक पहुंचे, लेकिन अंतिम चयन सूची में जगह बनाने से कुछ अंकों से चूक गए। इसके बाद दूसरे प्रयास में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर सके। लगातार झटकों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी कमजोरियों पर काम किया, नोट्स को बेहतर बनाया और नियमित मॉक टेस्ट देकर तैयारी को मजबूत किया।
लगातार मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास के बल पर आयुष ने यूपीएससी 2025 में ऑल इंडिया रैंक 461 प्राप्त कर अपना सपना पूरा किया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि कठिन हालात और सीमित संसाधन भी उस व्यक्ति को नहीं रोक सकते जो अपने लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित हो।





