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राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ ABVP का देशव्यापी प्रदर्शन
Ratna Netam
16 Oct 2026 9:39 PM IST

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नई दिल्ली। देश में चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को देशभर में विरोध-प्रदर्शन किए। संगठन ने 'अराजकता रोको, लोकतंत्र अपनाओ' अभियान के तहत कई प्रमुख विश्वविद्यालयों, राज्यों और महानगरों में प्रदर्शन आयोजित किए। ABVP ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस-वामपंथी संगठनों पर आरोप लगाया कि वे संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनता का विश्वास कमजोर करने और दबाव की राजनीति के जरिए सरकार बदलने का प्रयास कर रहे हैं।संगठन की ओर से जारी बयान के अनुसार, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित विभिन्न राज्यों में प्रदर्शन आयोजित किए गए। इनमें ABVP के राष्ट्रीय सचिवों, प्रदेश सचिवों, निर्वाचित छात्र संघ प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की उठाई मांग
ABVP ने अपने अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने का आह्वान किया।संगठन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और वामपंथी संगठनों की गतिविधियों से जनता के बीच संवैधानिक संस्थाओं को लेकर अविश्वास पैदा हो रहा है।ABVP का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से संबंधित शिकायतों और मतभेदों का समाधान संवैधानिक व्यवस्था के तहत किया जाना चाहिए।संगठन ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपनी शिकायतें प्रमाणों के साथ उचित मंच पर रखनी चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर जनता का विश्वास बना रहे।
दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों ने किया प्रदर्शन
राजधानी दिल्ली में ABVP कार्यकर्ताओं ने दिल्ली विश्वविद्यालय की आर्ट्स फैकल्टी के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग सहित लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक गरिमा का सम्मान करने की अपील की।ABVP के दिल्ली प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में असहमति और विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन राजनीतिक स्वार्थ के लिए अराजकता फैलाना और जनता में भ्रम पैदा करना स्वीकार्य नहीं है।दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष यश डबास ने कहा कि चुनाव आयोग और अन्य संवैधानिक संस्थाओं से संबंधित चर्चा तथ्यों, तर्कों और संवैधानिक दृष्टिकोण पर आधारित होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश में भी छात्रों ने निकाला मार्च
उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में भी ABVP कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में केंद्रीय पुस्तकालय से मुख्य द्वार तक मार्च निकाला और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने का संदेश दिया।ABVP कार्यकर्ताओं ने कहा कि युवाओं को राजनीतिक मतभेदों का समाधान शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीकों से करने की दिशा में आगे आना चाहिए।सोनभद्र के दुद्धी स्थित भाऊराव देवरस राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में भी संगठन की स्थानीय इकाई ने इसी अभियान के अंतर्गत प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी और कांग्रेस पर लगाए आरोप
ABVP ने अपने बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों की विरोध-प्रदर्शन संबंधी रणनीति पर सवाल उठाए।संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक समूह संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाने और सरकार के खिलाफ माहौल तैयार करने का प्रयास कर रहे हैं।हालांकि, ये आरोप ABVP के राजनीतिक आकलन पर आधारित हैं। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची में संशोधन को लेकर अलग-अलग सवाल उठाए हैं।कांग्रेस और INDIA गठबंधन का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता तथा मतदाता अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
चुनाव आयोग को लेकर जारी है विवाद
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।विपक्षी दलों ने प्रक्रिया के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जताई है। वहीं, निर्वाचन आयोग ने पक्षपात के आरोपों से इनकार किया है।इस विवाद को लेकर विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया है। शीर्ष अदालत ने संबंधित याचिका पर मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों से जवाब मांगा है।
लोकतांत्रिक तरीके से शिकायतों के समाधान पर जोर
ABVP ने कहा कि किसी भी चुनावी शिकायत का समाधान उपलब्ध साक्ष्यों, कानूनी प्रावधानों और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना चाहिए।संगठन के अनुसार, विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों, शांतिपूर्ण संवाद और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका के बारे में जागरूक करना जरूरी है।देशव्यापी प्रदर्शन के जरिए ABVP ने राजनीतिक मतभेदों के बीच लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया।वहीं, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
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