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अदाणी समूह ने बढ़ाया निवेश का दायरा इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस

nidhi
4 Sept 2026 8:21 AM IST
अदाणी समूह ने बढ़ाया निवेश का दायरा इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस
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अदाणी समूह का कारोबार सड़क से सीमेंट तक निवेश

नई दिल्ली: अदाणी समूह ने अब अपना कारोबार विस्तार केवल भाजपा शासित राज्यों तक सीमित नहीं रखा है। समूह कांग्रेस और अन्य गैर-भाजपा दलों की सरकार वाले राज्यों में भी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर निवेश कर रहा है। सड़क, बंदरगाह, ऊर्जा, सीमेंट और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में समूह की मौजूदगी तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अदाणी समूह की गैर-भाजपा शासित राज्यों में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं की निवेश पाइपलाइन करीब 5 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। इन परियोजनाओं में परिवहन, लॉजिस्टिक्स, पावर, रिन्यूएबल एनर्जी और निर्माण क्षेत्र से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ती पकड़
अदाणी समूह देश में सड़क निर्माण और परिवहन क्षेत्र में अपनी भागीदारी लगातार बढ़ा रहा है। कर्नाटक जैसे राज्यों में बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स के लिए समूह ने बोली लगाई है। बेंगलुरु की प्रस्तावित टनल रोड परियोजना भी इसी विस्तार रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देने की कोशिशों के बीच राज्य सरकारें भी बड़े उद्योग समूहों को आकर्षित कर रही हैं। इससे रोजगार, कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बंदरगाह कारोबार में मजबूत मौजूदगी
समुद्री व्यापार के क्षेत्र में अदाणी पोर्ट्स पहले से ही देश की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। केरल के विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स में समूह की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में कृष्णापट्टनम पोर्ट समेत कई लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं में समूह सक्रिय है। बंदरगाह क्षेत्र में निवेश का उद्देश्य भारत के समुद्री व्यापार नेटवर्क को मजबूत करना और आयात-निर्यात की क्षमता बढ़ाना है।
सीमेंट कारोबार का विस्तार
सीमेंट सेक्टर में भी अदाणी समूह ने तेजी से विस्तार किया है। अंबुजा सीमेंट और एसीसी जैसी कंपनियों के जरिए समूह देश के निर्माण क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहा है। बिहार, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में सीमेंट और निर्माण सामग्री से जुड़े निवेश की योजनाएं बनाई गई हैं।
बिहार और दक्षिण भारत पर भी नजर
बिहार में समूह ने बिजली, सड़क, गैस वितरण और सीमेंट समेत कई क्षेत्रों में बड़े निवेश की योजना बताई है। वहीं कर्नाटक, तेलंगाना, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी विभिन्न परियोजनाओं के जरिए कारोबार बढ़ाने की तैयारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े उद्योग समूह आमतौर पर राजनीतिक समीकरणों के बजाय बाजार क्षमता, संसाधनों और कारोबारी अवसरों को ध्यान में रखकर निवेश करते हैं। अदाणी समूह का विस्तार भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
निवेश से रोजगार और विकास की उम्मीद
इन परियोजनाओं से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने, औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलने और राज्यों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, बड़े निवेशों के साथ पर्यावरण, भूमि और स्थानीय हितों से जुड़े मुद्दों पर भी लगातार चर्चा होती रही है। अदाणी समूह का गैर-भाजपा राज्यों में बढ़ता कारोबार यह संकेत देता है कि देश के बड़े उद्योग समूह अब राजनीतिक सीमाओं से आगे बढ़कर आर्थिक संभावनाओं के आधार पर अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
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