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BRICS अर्बनाइज़ेशन फोरम का समापन, ‘अर्बन मिनिस्टीरियल डिक्लेरेशन’ अपनाया गया

Delhi दिल्ली: दो दिन तक चले ब्रिक्स अर्बनाइज़ेशन फोरम का शुक्रवार को समापन हो गया, जिसमें ‘अर्बन मिनिस्टीरियल डिक्लेरेशन’ (शहरी मामलों के मंत्रियों का घोषणा-पत्र) को औपचारिक रूप से अपनाया गया। इस घोषणा-पत्र में सदस्य देशों ने अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं को रेखांकित किया और लोगों पर केंद्रित शहरी विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
घोषणा-पत्र में यह भी जोर दिया गया कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के दौर में शहरों को अधिक समावेशी, टिकाऊ और नागरिक-केंद्रित बनाना जरूरी है। सदस्य देशों ने शहरी विकास से जुड़े अनुभवों, नीतियों और तकनीकी समाधानों को साझा करने पर सहमति जताई।
इस अवसर पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि ब्रिक्स देशों ने भारत के एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि सदस्य देशों ने ‘ब्रिक्स अर्बन रिसर्च एंड नॉलेज नेटवर्क’ स्थापित करने पर सहमति जताई है, जो शहरी विकास के क्षेत्र में सहयोग को एक नई दिशा देगा।
मंत्री ने कहा कि यह प्रस्तावित नेटवर्क व्यावहारिक शहरी शोध, ज्ञान के आदान-प्रदान और आपसी सीखने की प्रक्रिया को मजबूत करेगा। यह एक चेयर-आधारित और संस्थागत रूप से जुड़ा हुआ ज्ञान तंत्र होगा, जो ब्रिक्स देशों के बीच शहरी नीतियों और विकास मॉडल को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
उन्होंने बताया कि इस नेटवर्क के माध्यम से सदस्य देश अपने-अपने अनुभवों और सफल नीतियों को साझा कर सकेंगे, जिससे शहरी योजनाओं को अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक बनाया जा सकेगा। साथ ही, यह मंच शहरों के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे आवास, परिवहन, जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण पर भी मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करेगा।
ब्रिक्स अर्बनाइज़ेशन फोरम को शहरी विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है, जहां विभिन्न देशों के विशेषज्ञ और नीति निर्माता मिलकर भविष्य की शहरी आवश्यकताओं पर चर्चा करते हैं।
घोषणा-पत्र को अपनाए जाने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ब्रिक्स देश अब शहरी विकास को केवल बुनियादी ढांचे तक सीमित नहीं रखकर उसे सामाजिक और मानव-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं।
भारत की ओर से दिए गए प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक और नीतिगत उपलब्धि माना जा रहा है, जो वैश्विक स्तर पर शहरी विकास में भारत की भूमिका को और मजबूत करता है।
फोरम के समापन के साथ ही यह उम्मीद जताई गई है कि आने वाले समय में ब्रिक्स देशों के बीच शहरी सहयोग और अधिक गहरा होगा और इसका सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचेगा।





