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चार राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव, बंगाल में भाजपा और तमिलनाडु में विजय की पहली बड़ी परीक्षा

Kavita2
6 Oct 2026 9:57 AM IST
चार राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव, बंगाल में भाजपा और तमिलनाडु में विजय की पहली बड़ी परीक्षा
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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की छह सीटों पर मंगलवार, 6 अक्टूबर को उपचुनाव के लिए मतदान जारी है। इनमें पांच विधानसभा सीटें और असम की एक लोकसभा सीट शामिल है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।

जिन सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट, तमिलनाडु की मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीट, पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट और असम की नागांव लोकसभा सीट शामिल हैं। हाल ही में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनावों के बाद इन सीटों पर हो रहा उपचुनाव अलग-अलग राज्यों में नए राजनीतिक समीकरणों की पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

सबसे ज्यादा निगाहें पश्चिम बंगाल पर लगी हैं। यहां भाजपा ने इस साल हुए विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से हटाकर सरकार बनाई थी। अब नंदीग्राम और रेजीनगर के उपचुनाव से यह देखा जाएगा कि चुनाव के कुछ महीने बाद मतदाताओं का रुझान किस तरह बना हुआ है। हालांकि किसी एक या दो सीटों का नतीजा पूरे राज्य के राजनीतिक मूड का अंतिम पैमाना नहीं माना जा सकता।

नंदीग्राम सीट खास तौर पर चर्चा में है। यह सीट मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा विधानसभा चुनाव में दो सीटों से जीतने के बाद एक सीट छोड़ने के कारण खाली हुई थी। नंदीग्राम पहले भी पश्चिम बंगाल की राजनीति का हाई-प्रोफाइल केंद्र रहा है। यहां भाजपा के सामने तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य दलों की चुनौती है।

पश्चिम बंगाल की दूसरी सीट रेजीनगर है। यह सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। यहां मुकाबला कई दलों और स्थानीय राजनीतिक समूहों के बीच है। भाजपा, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस और वाम दल समेत अन्य उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। इसलिए यहां वोटों का बंटवारा परिणाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

तमिलनाडु में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम यानी TVK के लिए यह पहली बड़ी चुनावी परीक्षा है। हाल के विधानसभा चुनाव में TVK ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता हासिल की थी और विजय मुख्यमंत्री बने थे। अब मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। दोनों सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।

मदुरंतकम और धारापुरम सीटें पहले AIADMK के पास थीं। यहां से निर्वाचित विधायक के. मरगथम कुमारवेल और पी. सत्यभामा ने बाद में इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ TVK का दामन थाम लिया था, जिसके बाद दोनों सीटों पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी। इस वजह से इन सीटों पर मुकाबला सिर्फ प्रत्याशियों के बीच नहीं बल्कि TVK, DMK और AIADMK समेत प्रमुख राजनीतिक ताकतों की प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है।

तमिलनाडु में इन उपचुनावों को विजय सरकार की लोकप्रियता की शुरुआती परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद यह पहला अवसर है जब मतदाता दो सीटों पर नई सरकार के कामकाज और राजनीतिक संदेश के बीच मतदान कर रहे हैं। हालांकि दो सीटों के नतीजों से पूरे राज्य के मतदाताओं की राय का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

असम में नागांव लोकसभा सीट पर भी मुकाबला महत्वपूर्ण है। यहां भाजपा, कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी AIUDF के बीच प्रमुख मुकाबला बताया जा रहा है। नागांव में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक होने के कारण क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। भाजपा इस सीट पर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में से एक मानती रही है।

नागांव लोकसभा सीट खाली होने के पीछे भी हाल के चुनावों के बाद हुआ राजनीतिक बदलाव प्रमुख वजह रहा। उपचुनाव का नतीजा असम में भाजपा, कांग्रेस और AIUDF के मौजूदा जनाधार को लेकर नया संकेत दे सकता है। हालांकि यह एक ही संसदीय सीट का चुनाव है, इसलिए इसके परिणाम को पूरे राज्य पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता।

पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर भी मतदान जारी है। यहां सत्तारूढ़ एनडीए सरकार के साथ विपक्षी दलों के बीच मुकाबला है। मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली सरकार के गठन के कुछ ही महीने बाद हो रहा यह उपचुनाव राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यहां AINRC, कांग्रेस-TVK गठबंधन और DMK समेत विभिन्न राजनीतिक ताकतें मैदान में हैं।

चार अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में हो रहे ये उपचुनाव कई मायनों में अलग हैं। पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार की राजनीतिक पकड़ पर नजर है, तमिलनाडु में विजय और TVK की नई सरकार के सामने पहली चुनावी चुनौती है, असम में एक लोकसभा सीट पर भाजपा-कांग्रेस-AIUDF का मुकाबला है और पुडुचेरी में नई एनडीए सरकार की चुनावी स्थिति की परीक्षा हो रही है।

चुनाव आयोग ने सभी छह सीटों पर मतदान के लिए EVM और VVPAT की व्यवस्था की है। संवेदनशील बूथों पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। मतदान खत्म होने के बाद सभी मशीनों को कड़ी सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाएगा और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी।

इन उपचुनावों के नतीजे संबंधित सरकारों की स्थिरता को सीधे प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए मनोवैज्ञानिक और रणनीतिक रूप से अहम रहेंगे। नतीजों के जरिए पार्टियां यह आकलन करेंगी कि हाल के बड़े चुनावों के बाद उनका जनसमर्थन किस दिशा में जा रहा है और आने वाले राजनीतिक मुकाबलों के लिए उन्हें अपनी रणनीति में किस तरह के बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।

फिलहाल सभी की नजर मतदान प्रतिशत और 9 अक्टूबर को आने वाले नतीजों पर है। खासकर नंदीग्राम, तमिलनाडु की दोनों सीटों और नागांव के नतीजे राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन सकते हैं।

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