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पैकेट वाले खाने पर साफ दिखे ज्यादा चीनी नमक फैट की चेतावनी उपभोक्ताओं की मांग

nidhi
9 Sept 2026 7:00 AM IST
पैकेट वाले खाने पर साफ दिखे ज्यादा चीनी नमक फैट की चेतावनी उपभोक्ताओं की मांग
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स्वास्थ्य को लेकर सतर्क

नई दिल्ली: पैकेट बंद खाद्य पदार्थों को लेकर उपभोक्ताओं की मांग तेजी से बदल रही है। एक सर्वे में सामने आया है कि बड़ी संख्या में लोग चाहते हैं कि खाद्य उत्पादों के पैकेट पर ज्यादा चीनी, नमक और फैट की जानकारी साफ और बड़े अक्षरों में दिखाई जाए, ताकि खरीदारी के समय सही फैसला लिया जा सके। लोगों का कहना है कि वर्तमान में पोषण संबंधी जानकारी अक्सर पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में दी जाती है, जिसे पढ़ना और समझना आसान नहीं होता। उपभोक्ता चाहते हैं कि सामने की ओर ही ऐसी चेतावनी हो जिससे उन्हें तुरंत पता चल सके कि कोई उत्पाद स्वास्थ्य के लिए कितना बेहतर या नुकसानदायक हो सकता है।

फ्रंट ऑफ पैक लेबल की मांग तेज
स्वास्थ्य विशेषज्ञ लंबे समय से पैकेट के सामने चेतावनी लेबल लगाने की मांग कर रहे हैं। इसमें ऐसे संकेत शामिल हो सकते हैं जो बताते हैं कि किसी उत्पाद में चीनी, नमक या संतृप्त फैट की मात्रा ज्यादा है। इससे खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए खाद्य विकल्प चुनना आसान हो सकता है। कई देशों में पहले से ही फ्रंट ऑफ पैक वार्निंग सिस्टम लागू है, जहां उपभोक्ताओं को उत्पाद की पोषण गुणवत्ता के बारे में तुरंत जानकारी मिल जाती है। भारत में भी इस तरह की व्यवस्था को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है।
FSSAI की चेतावनी व्यवस्था पर चर्चा
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने पैकेट वाले खाद्य पदार्थों पर चेतावनी लेबल को लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत ज्यादा मात्रा में चीनी, नमक या फैट वाले उत्पादों पर सामने की ओर चेतावनी दिखाने की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर खाद्य उद्योग और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के बीच बहस भी जारी है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि चेतावनी लेबल उपभोक्ताओं को जागरूक बनाने में मदद करेंगे, जबकि उद्योग जगत इसके मानकों और प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहा है।
बढ़ते पैकेज्ड फूड बाजार के बीच चिंता
भारत में पैकेट बंद खाद्य पदार्थों की खपत तेजी से बढ़ी है। चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स, स्नैक्स और मीठे पेय पदार्थ बड़ी संख्या में खरीदे जाते हैं। ऐसे में उपभोक्ता चाहते हैं कि उन्हें उत्पाद की सही जानकारी आसानी से मिल सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा चीनी, नमक और फैट वाले खाद्य पदार्थों का लगातार सेवन मोटापा और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले स्पष्ट जानकारी मिलना जरूरी है।
उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर पसंद
अगर पैकेट पर साफ चेतावनी व्यवस्था लागू होती है तो ग्राहक कम समय में यह तय कर सकेंगे कि कौन सा उत्पाद उनके लिए बेहतर है। इससे कंपनियों पर भी ज्यादा स्वस्थ उत्पाद बनाने का दबाव बढ़ सकता है। उपभोक्ताओं की बढ़ती मांग ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि खाद्य सुरक्षा केवल गुणवत्ता जांच तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उत्पाद की जानकारी भी उतनी ही पारदर्शी होनी चाहिए।
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