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सीमापुरी में जर्जर मकान गिरा, दो लोग घायल; दमकल और पुलिस की टीम बचाव में जुटी

नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर एक जर्जर मकान अचानक गिर गया। हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी दमकल विभाग को दोपहर 3:32 बजे दी गई, जिसके बाद दमकल की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में दो लोग घायल हुए हैं। दोनों घायलों को मलबे से बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी हालत को लेकर विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस और दमकल विभाग की टीमें यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति दबा न हो।
हादसा सीमापुरी क्षेत्र की एक पुरानी इमारत में हुआ। मकान की हालत पहले से जर्जर बताई जा रही है। बुधवार दोपहर अचानक इमारत का हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने तेज आवाज सुनी और तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े।
#BREAKING A building collapsed near Eidgah Fish Market in New Seemapuri, Delhi. Delhi Fire Services, and local police launched a rescue operation. #Seemapuri #DelhiNews @DelhiFireService @DelhiPolice https://t.co/7fAw6dGt5G
— jarvis ☠️ (@Vishii14) October 7, 2026
मकान गिरने के बाद सड़क और आसपास के हिस्से में भारी मात्रा में ईंट, पत्थर और निर्माण सामग्री फैल गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में बचाव दल मौके पर पहुंच गया।
दमकल कर्मियों ने सबसे पहले उस हिस्से की जांच शुरू की जहां लोगों के दबे होने की आशंका थी। मलबा हटाने के दौरान दो घायल लोगों को बाहर निकाला गया। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के हिस्से को घेर लिया है, ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए। स्थानीय लोगों को भी मलबे के पास जाने से रोका गया है क्योंकि जर्जर इमारत का शेष हिस्सा भी अस्थिर हो सकता है।
बचाव अभियान के दौरान टीमों ने सावधानी के साथ मलबा हटाया। ऐसे मामलों में जल्दबाजी से बचना जरूरी होता है, क्योंकि भारी पत्थर और दीवार के हिस्से अचानक खिसक सकते हैं।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय मकान के अंदर कुल कितने लोग मौजूद थे। मकान मालिक और आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत लंबे समय से खराब हालत में थी। हालांकि मकान को लेकर पहले कोई आधिकारिक नोटिस जारी हुआ था या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि मकान की संरचना कितनी पुरानी थी और उसके गिरने का मुख्य कारण क्या रहा। प्रारंभिक तौर पर इसे जर्जर मकान गिरने की घटना बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस संबंधित विभागों से भी मकान से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी ले सकती है। यह पता लगाया जाएगा कि इमारत के निर्माण, मरम्मत या उसकी सुरक्षा को लेकर पहले कोई शिकायत की गई थी या नहीं।
सीमापुरी घनी आबादी वाला इलाका है। यहां कई पुराने मकान और संकरी गलियां हैं। ऐसे इलाकों में जर्जर इमारत गिरने की घटना और भी खतरनाक हो सकती है क्योंकि आसपास के घर और लोग भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।
इस हादसे में राहत की बात यह रही कि अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं है। दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है और बचाव अभियान जारी है।
दमकल विभाग की टीम ने आसपास के हिस्से का भी निरीक्षण किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य दीवारों या हिस्सों के गिरने का खतरा तो नहीं है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल के आसपास भीड़ न लगाएं और राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग करें।
अधिकारियों के लिए पहली प्राथमिकता मलबे के नीचे संभावित रूप से दबे लोगों की तलाश करना और घायलों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद इमारत की तकनीकी जांच कराई जा सकती है।
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने बचाव वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता खाली कराया और आसपास खड़े वाहनों को हटवाया।
मकान गिरने की सूचना मिलने के बाद कई स्थानीय निवासी भी मौके पर जमा हो गए। कुछ लोगों ने शुरुआती समय में मलबा हटाने और घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
दिल्ली में पुराने और कमजोर मकानों की स्थिति समय-समय पर चिंता का विषय बनती रही है। खासकर घनी आबादी वाले इलाकों में जर्जर इमारतें दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकती हैं।
ऐसे मकानों की समय पर पहचान और मरम्मत बेहद जरूरी होती है। यदि कोई इमारत रहने योग्य नहीं है तो संबंधित निकाय द्वारा उसे खाली कराने या मरम्मत के निर्देश दिए जा सकते हैं।
सीमापुरी की इस घटना के बाद भी संबंधित विभाग मकान की स्थिति और दस्तावेजों की जांच कर सकता है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस फिलहाल हादसे के समय मौजूद लोगों के बयान दर्ज कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी घटना का सही समय और मकान गिरने की स्थिति समझने में मदद मिल सकती है।
घायलों की पहचान और उनकी विस्तृत स्थिति के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन से उनकी मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
घटना के बाद आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों के बीच भी डर का माहौल है। कई लोग अपनी इमारतों की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
प्रशासन की ओर से यदि जरूरत महसूस हुई तो आसपास की इमारतों का भी निरीक्षण कराया जा सकता है, ताकि किसी अन्य संभावित खतरे को पहले ही रोका जा सके।
फिलहाल सीमापुरी में बचाव अभियान जारी है। दमकल और पुलिस की टीमें मलबे को हटाने और पूरे घटनास्थल को सुरक्षित करने में जुटी हुई हैं।
अब तक दो लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। किसी अन्य व्यक्ति के दबे होने की आशंका को देखते हुए टीमों ने तलाशी अभियान जारी रखा है।
घटना की वास्तविक वजह, मकान की उम्र और उसकी संरचनात्मक स्थिति से जुड़े तथ्य विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएंगे।
बुधवार दोपहर 3:32 बजे मिली सूचना के बाद शुरू हुआ यह बचाव अभियान फिलहाल जारी है। पुलिस और दमकल विभाग की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मलबे में कोई व्यक्ति फंसा न रह जाए और आसपास का इलाका पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके।





