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NHB की बागवानी और कोल्ड स्टोरेज योजनाओं में पात्रता सख्त

Kavita2
25 Aug 2026 10:10 AM IST
NHB की बागवानी और कोल्ड स्टोरेज योजनाओं में पात्रता सख्त
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की वाणिज्यिक बागवानी और कोल्ड स्टोरेज से जुड़ी योजनाओं में पात्रता नियमों को और सख्त कर दिया है। नए बदलावों के तहत संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के साथ-साथ मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, मेयरों और जिला पंचायत अध्यक्षों को बोर्ड की योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी के दायरे से बाहर किया गया है। सरकार का यह कदम बागवानी क्षेत्र में दी जाने वाली वित्तीय सहायता को वास्तविक किसानों, उद्यमियों और पात्र परियोजनाओं तक सीमित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तहत बागवानी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को लागू करता है। इनमें वाणिज्यिक बागवानी के विकास के अलावा बागवानी उत्पादों के भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और संबंधित बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शामिल हैं। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर 21 अगस्त 2026 को वाणिज्यिक बागवानी और कोल्ड स्टोरेज योजनाओं के दिशानिर्देशों में संशोधन का उल्लेख किया गया है।

सब्सिडी के दायरे में आएगा बदलाव

NHB की योजनाओं का उद्देश्य बागवानी क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना और किसानों तथा उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत वाणिज्यिक स्तर पर बागवानी उत्पादन, संरक्षित खेती, पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और कोल्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है। अब पात्रता में जनप्रतिनिधियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को बाहर करने का फैसला किया गया है।

इस बदलाव का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो सार्वजनिक पद पर रहते हुए इन योजनाओं के तहत व्यक्तिगत या संस्थागत स्तर पर सब्सिडी लेने की कोशिश करते हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना माना जा रहा है कि सार्वजनिक पद और सरकारी योजनाओं से मिलने वाले वित्तीय लाभ के बीच किसी तरह का हितों का टकराव न हो।

कोल्ड स्टोरेज के लिए मिलती है बड़ी सहायता

NHB की कोल्ड स्टोरेज योजना के तहत पात्र परियोजनाओं को पूंजीगत निवेश पर क्रेडिट-लिंक्ड बैक-एंडेड सब्सिडी दी जाती है। बोर्ड की योजना के अनुसार सामान्य क्षेत्रों में पात्र परियोजनाओं के लिए सहायता 40 प्रतिशत और पहाड़ी एवं अनुसूचित क्षेत्रों में 55 प्रतिशत तक हो सकती है। योजना के तहत अधिकतम 5,000 मीट्रिक टन क्षमता तक की परियोजनाओं के लिए सहायता का प्रावधान है।

कोल्ड स्टोरेज के अलावा नियंत्रित वातावरण वाले भंडारण, प्री-कूलिंग यूनिट, प्याज आदि के भंडारण और पुराने कोल्ड स्टोरेज के आधुनिकीकरण जैसी परियोजनाएं भी योजना के तहत सहायता की पात्र हो सकती हैं। इसके लिए परियोजना को निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन करना जरूरी है।

इसका उद्देश्य किसानों को फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान से बचाना और फल-सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले उत्पादों के लिए बेहतर भंडारण व्यवस्था तैयार करना है।

वाणिज्यिक बागवानी को भी बढ़ावा

NHB की दूसरी प्रमुख योजना वाणिज्यिक बागवानी के विकास से संबंधित है। इसके तहत खुले क्षेत्र और संरक्षित परिस्थितियों में व्यावसायिक स्तर पर बागवानी फसलों के उत्पादन के साथ पोस्ट-हार्वेस्ट प्रबंधन और प्राथमिक प्रसंस्करण से जुड़ी परियोजनाओं को सहायता दी जाती है।

बोर्ड की योजनाओं में व्यक्ति, किसानों के समूह, कंपनियां, सहकारी संस्थाएं, एफपीओ, स्वयं सहायता समूह और अन्य पात्र संस्थाएं शामिल रही हैं। NHB की मौजूदा जानकारी के अनुसार योजना के तहत परियोजना की भूमि, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट, बैंक से संबंधित दस्तावेज और तकनीकी मानकों सहित कई शर्तें पूरी करनी होती हैं।

अब पात्रता सूची में सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को बाहर करने से सब्सिडी का लाभ लेने की प्रक्रिया और अधिक लक्षित हो सकती है।

हितों के टकराव पर रोक लगाने की कोशिश

सरकारी योजनाओं में सब्सिडी का उद्देश्य आम तौर पर उन वर्गों और क्षेत्रों को आर्थिक सहायता देना होता है जिन्हें निवेश के लिए प्रोत्साहन की आवश्यकता है। ऐसे में सांसद, विधायक, मंत्री या अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों को योजना के लाभ से बाहर करने का फैसला पारदर्शिता के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।

सरकार की सोच यह हो सकती है कि सार्वजनिक पद पर बैठे व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं के तहत वित्तीय लाभ लेने की स्थिति में हितों के टकराव की आशंका पैदा हो सकती है। पात्रता नियमों को स्पष्ट करके ऐसी स्थिति को पहले ही समाप्त करने का प्रयास किया गया है।

परिवार और कानूनी इकाई के स्तर पर भी निगरानी

NHB की पात्रता व्यवस्था में परिवार और कानूनी इकाई को सब्सिडी की सीमा तय करने के लिए एक इकाई के रूप में देखा जाता है। पुराने दिशानिर्देशों में पति, पत्नी और आश्रित नाबालिग बच्चों को एक परिवार के रूप में परिभाषित किया गया था। एक ही परिवार या कानूनी इकाई द्वारा अलग-अलग माध्यमों से निर्धारित सीमा से अधिक सब्सिडी लेने से रोकने के लिए लाभ को जोड़कर देखने का प्रावधान भी रहा है।

इस तरह के प्रावधानों का उद्देश्य योजनाओं के लाभ के दोहराव और संभावित दुरुपयोग को रोकना है। नई पात्रता पाबंदियों को भी इसी व्यापक व्यवस्था का हिस्सा माना जा सकता है।

परियोजनाओं की जांच भी जरूरी

NHB की योजनाओं में केवल पात्रता ही नहीं, बल्कि परियोजना की तकनीकी और वित्तीय व्यवहार्यता भी महत्वपूर्ण है। कोल्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन अनिवार्य है। आवेदन के साथ परियोजना रिपोर्ट, भूमि से जुड़े दस्तावेज, बैंक की सहमति और अन्य जरूरी कागजात जमा करने होते हैं।

सब्सिडी जारी करने से पहले परियोजना का निरीक्षण भी किया जाता है। NHB के अनुसार अंतिम सब्सिडी दावे के निपटारे के लिए बैंक, बोर्ड और संबंधित राज्य विभाग के प्रतिनिधियों की संयुक्त निरीक्षण टीम परियोजना का निरीक्षण कर सकती है।

किसानों और निजी निवेशकों पर फोकस

पात्रता नियमों को सख्त करने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य बागवानी क्षेत्र में सरकारी सहायता को अधिक लक्षित बनाना माना जा रहा है। फल, सब्जियों और अन्य बागवानी उत्पादों की बढ़ती मांग के बीच कोल्ड स्टोरेज और पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत लगातार बढ़ रही है।

ऐसे में सरकार चाहती है कि सब्सिडी का लाभ उन परियोजनाओं तक पहुंचे जो वास्तव में उत्पादन, भंडारण और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करें। जनप्रतिनिधियों और संवैधानिक पदाधिकारियों को इससे बाहर करने के फैसले से योजना के लाभार्थियों की श्रेणी अधिक स्पष्ट होगी।

कुल मिलाकर, NHB की वाणिज्यिक बागवानी और कोल्ड स्टोरेज योजनाओं में पात्रता नियमों का सख्त होना सरकारी सब्सिडी के इस्तेमाल को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव है। अब इन योजनाओं का लाभ लेने वालों को नई पात्रता शर्तों के साथ-साथ तकनीकी, वित्तीय और दस्तावेजी मानकों को भी पूरा करना होगा। सरकार की कोशिश है कि बागवानी क्षेत्र के लिए उपलब्ध सीमित सार्वजनिक धन का इस्तेमाल अधिक पारदर्शी तरीके से हो और इसका सीधा फायदा कृषि एवं बागवानी क्षेत्र के वास्तविक विकास को मिले।

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