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दिल्ली-NCR में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, 9 घर गिरे 16 जगह पेड़ गिरने की घटनाएं

नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में लगातार हुई भारी बारिश ने राजधानी की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। तेज बारिश के कारण दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई, सड़कों पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ और कई इलाकों में घरों को नुकसान पहुंचा। दिल्ली फायर सर्विस के मुताबिक, गुरुवार देर रात से शुक्रवार रात तक शहर के अलग-अलग हिस्सों से घर गिरने और पेड़ गिरने की कई घटनाओं की सूचना मिली।
फायर सर्विस को इस दौरान नौ घरों के गिरने की सूचना मिली, जबकि राजधानी के विभिन्न इलाकों में पेड़ गिरने की 16 घटनाएं सामने आईं। राहत की बात यह रही कि पेड़ गिरने की एक घटना में घर के भीतर फंसी तीन महिलाओं को फायर विभाग के कर्मचारियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
#WATCH | Delhi: Heavy waterlogging in Sangam Vihar area, following heavy rainfall. pic.twitter.com/cXzX4tzejU
— ANI (@ANI) August 7, 2026
लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया और कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। बारिश और जलभराव के कारण कई जगहों पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला, जिससे दफ्तर जाने वाले लोगों, यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई।
रात से ही जारी रही बारिश
दिल्ली में गुरुवार देर रात से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो शुक्रवार तक जारी रहा। कई इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रही। लगातार पानी बरसने के कारण शहर की सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव बढ़ता गया।
जिन क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था कमजोर रही, वहां सड़कें पानी में डूब गईं। इससे पैदल चलने वाले लोगों के साथ-साथ दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
बारिश के कारण कई जगहों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। जलभराव वाले मार्गों पर वाहनों की गति धीमी होने के चलते कई सड़कों पर लंबा जाम लग गया।
9 घरों के गिरने की सूचना
दिल्ली फायर सर्विस ने शुक्रवार रात बताया कि गुरुवार देर रात से अब तक राजधानी में नौ घरों के गिरने की सूचना मिली है। लगातार बारिश के कारण पुराने और कमजोर मकानों पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में कुछ इलाकों में मकानों के क्षतिग्रस्त होने या गिरने की घटनाएं सामने आईं।
घर गिरने की घटनाओं के बाद फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य किया। प्रभावित क्षेत्रों में संभावित खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कोशिश की गई।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इन घटनाओं में किसी बड़ी जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए हैं।
16 जगहों पर गिरे पेड़
भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में पेड़ गिरने की 16 घटनाएं दर्ज की गईं। पेड़ गिरने के कारण कई जगहों पर सड़कें बाधित हुईं और यातायात प्रभावित हुआ।
फायर विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर पेड़ों को हटाने और रास्ता साफ करने का काम किया। कुछ स्थानों पर पेड़ घरों या अन्य संपत्तियों के पास गिरे, जिससे नुकसान की आशंका बढ़ गई।
पेड़ गिरने की एक घटना में तीन महिलाएं एक घर के अंदर फंस गई थीं। घटना की जानकारी मिलने के बाद फायर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और बचाव अभियान चलाया। काफी प्रयास के बाद तीनों महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जलभराव से सड़कों पर मुश्किल
दिल्ली में बारिश के बाद सबसे बड़ी समस्या जलभराव की रही। शहर के कई निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। कुछ स्थानों पर सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गईं, जिससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
जलभराव के कारण वाहन चालकों को पानी के बीच से गुजरना पड़ा। कई जगहों पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। इससे यातायात का दबाव बढ़ गया और कई मार्गों पर जाम की स्थिति पैदा हो गई।
लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लगा। बारिश के दौरान सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आम जनजीवन पर पड़ा असर
लगातार बारिश का असर दिल्ली के आम जनजीवन पर भी दिखाई दिया। सड़कों पर पानी जमा होने और ट्रैफिक बाधित होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। कई इलाकों में लोगों को घरों से निकलने में परेशानी हुई।
बारिश के कारण पैदल यात्रियों को भी दिक्कत हुई। जिन सड़कों पर पानी ज्यादा जमा था, वहां पैदल चलना मुश्किल हो गया। दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी जलभराव वाले रास्तों से गुजरना जोखिम भरा रहा।
इसके अलावा पेड़ गिरने की घटनाओं से कई स्थानों पर सड़कें बाधित हुईं, जिन्हें साफ करने के लिए राहत टीमों को मौके पर भेजा गया।
फायर सर्विस ने संभाला मोर्चा
बारिश से जुड़ी घटनाओं के बाद दिल्ली फायर सर्विस की टीमें लगातार सक्रिय रहीं। घर गिरने और पेड़ गिरने की सूचनाओं पर कर्मचारियों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया।
फायर विभाग के लिए सबसे महत्वपूर्ण बचाव अभियानों में से एक वह रहा, जिसमें पेड़ गिरने के बाद तीन महिलाएं घर के अंदर फंस गई थीं। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
इस तरह की घटनाओं के बीच फायर सर्विस ने राहत और बचाव कार्य जारी रखा और लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ बाधित रास्तों को साफ कराने में भी मदद की।
प्रशासन के सामने जल निकासी बड़ी चुनौती
बारिश के बाद जलभराव ने एक बार फिर दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल मानसून के दौरान राजधानी के कई निचले इलाकों में पानी भरने की समस्या सामने आती है।
लगातार बारिश की स्थिति में जल निकासी व्यवस्था पर दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन के सामने सड़कों से पानी निकालने, ट्रैफिक व्यवस्था संभालने और कमजोर मकानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती रहती है।
सतर्क रहने की जरूरत
दिल्ली-NCR में बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचना और कमजोर या क्षतिग्रस्त मकानों के आसपास जाने से सावधानी रखना जरूरी है।
पेड़ गिरने और मकान ढहने जैसी घटनाओं ने यह भी दिखाया कि लगातार बारिश के दौरान पुराने ढांचों और पेड़ों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
फिलहाल राजधानी में बारिश के कारण पैदा हुई परेशानियों को दूर करने के लिए संबंधित एजेंसियां काम कर रही हैं। नौ घरों के गिरने और 16 जगह पेड़ गिरने की घटनाओं के बीच राहत की सबसे बड़ी बात यही रही कि पेड़ गिरने से घर में फंसी तीन महिलाओं को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, लगातार बारिश ने दिल्ली की यातायात व्यवस्था और आम जनजीवन को काफी प्रभावित किया है।





