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फिल्म दूसरा पर नहीं लगेगी रोक दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Ratna Netam
22 Oct 2026 9:37 PM IST
फिल्म दूसरा पर नहीं लगेगी रोक दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
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नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने गुरुवार, 22 अक्टूबर को आगामी फिल्म 'दूसरा' (Doosra) की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। गांगुली ने फिल्म में अपनी पहचान और क्रिकेट करियर से जुड़े पहलुओं के कथित अनधिकृत इस्तेमाल को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म से उनके व्यक्तित्व और व्यावसायिक अधिकारों का उल्लंघन होता है। हालांकि हाई कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रहेगी।फिल्म 'दूसरा' शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल फिल्म की निर्धारित रिलीज का रास्ता साफ हो गया है।
सौरव गांगुली ने फिल्म पर जताई आपत्ति
सौरव गांगुली ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि फिल्म में उनकी पहचान, छवि और क्रिकेट करियर से जुड़ी घटनाओं का इस्तेमाल इस तरह किया गया है, जिससे उनके व्यक्तित्व अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।गांगुली ने अदालत से मांग की थी कि उनके नाम और पहचान का कथित अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने के लिए उचित कानूनी संरक्षण दिया जाए।उनकी याचिका में व्यक्तित्व अधिकार और प्रचार संबंधी व्यावसायिक अधिकारों का मुद्दा उठाया गया है। यह विवाद फिल्मकारों की रचनात्मक स्वतंत्रता और सार्वजनिक हस्तियों के अधिकारों के बीच संतुलन से भी जुड़ा है।
हाई कोर्ट ने रिलीज रोकने से किया इनकार
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने से इनकार कर दिया।मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने इस बात पर भी ध्यान दिया कि फिल्म निर्माताओं ने रिलीज के लिए आवश्यक अनुमतियां प्राप्त कर ली हैं।अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल फिल्म के प्रदर्शन को रोकने का आदेश नहीं दिया जा रहा है। हालांकि इससे गांगुली की याचिका का अंतिम निपटारा नहीं हुआ है।कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुक्रवार को भी जारी रखने का फैसला किया है।
क्या है फिल्म 'दूसरा' की कहानी?
फिल्म 'दूसरा' एक मध्यमवर्गीय राजस्थानी लड़की की प्रेरणादायक कहानी पर आधारित है। इसमें क्रिकेट और भारतीय समाज के बदलते दृष्टिकोण को कहानी के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया गया है।फिल्म की कहानी खेल से मिलने वाली प्रेरणा और एक युवा लड़की के सपनों के आसपास घूमती है।सौरव गांगुली ने फिल्म में अपने क्रिकेट करियर और सार्वजनिक पहचान से जुड़े संदर्भों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है।हालांकि फिल्म में संबंधित घटनाओं का प्रस्तुतीकरण कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करता है या नहीं, इसका अंतिम निर्धारण अदालत को करना है।
क्या होते हैं व्यक्तित्व अधिकार?
व्यक्तित्व अधिकार किसी व्यक्ति के नाम, चेहरे, आवाज, पहचान और सार्वजनिक छवि के अनधिकृत इस्तेमाल से संरक्षण से जुड़े होते हैं।विशेष रूप से प्रसिद्ध खिलाड़ियों, अभिनेताओं और अन्य सार्वजनिक हस्तियों के लिए इन अधिकारों का व्यावसायिक महत्व होता है।यदि किसी व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल विज्ञापन, प्रचार या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में बिना उचित अनुमति के किया जाता है, तो संबंधित व्यक्ति अदालत से संरक्षण मांग सकता है।हालांकि किसी सार्वजनिक हस्ती से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं, समाचारों और रचनात्मक प्रस्तुतियों में उसके उल्लेख का हर मामला स्वतः अधिकारों का उल्लंघन नहीं माना जाता।दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में अन्य मामलों में भी व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों की कानूनी सीमाओं को स्पष्ट करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
फिल्म की रिलीज पर टिकी निगाहें
सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट के प्रमुख पूर्व कप्तानों में शामिल हैं। उनके क्रिकेट करियर से जुड़े कई क्षण खेलप्रेमियों की यादों का हिस्सा हैं।ऐसे में उनके नाम और क्रिकेट उपलब्धियों से संबंधित किसी फिल्म या रचनात्मक प्रस्तुति को लेकर विवाद सामने आने से दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ना स्वाभाविक है।हालांकि इस मामले में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि फिल्म में प्रयुक्त संदर्भों को रचनात्मक अभिव्यक्ति माना जाएगा या वे गांगुली के व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।
शुक्रवार को फिर होगी सुनवाई
दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल फिल्म 'दूसरा' के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई है। इससे निर्माताओं को निर्धारित तारीख पर फिल्म रिलीज करने की अनुमति बनी हुई है।दूसरी ओर, गांगुली की ओर से उठाए गए कानूनी सवाल अभी अदालत के समक्ष विचाराधीन हैं।शुक्रवार की सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों और अदालत के अगले निर्देशों पर नजर रहेगी। यह मामला मनोरंजन जगत में रचनात्मक स्वतंत्रता और प्रसिद्ध व्यक्तियों के कानूनी अधिकारों के बीच संतुलन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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