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दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन राहुल प्रियंका पर पुलिस की कार्रवाई

Ratna Netam
7 Oct 2026 8:19 PM IST
दिल्ली में विपक्ष का प्रदर्शन राहुल प्रियंका पर पुलिस की कार्रवाई
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नई दिल्ली। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर राजधानी दिल्ली में बुधवार को एक बार फिर विपक्ष और पुलिस आमने-सामने आ गए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई अन्य विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। विपक्षी दल SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
प्रदर्शन के लिए INDIA गठबंधन के सांसद और नेता मध्य दिल्ली में एकत्र हुए थे। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मेजबानी में विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। बैठक के बाद नेता बसों में जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें निर्धारित प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया। इसके बाद सांसदों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और कई नेताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध शुरू कर दिया।
राहुल गांधी को पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन स्थल से हटाकर बस में बैठाया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्हें बाद में बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन ले जाया गया। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में लेने के बाद अलग स्थान पर ले जाया गया और उन्हें छत्रसाल स्टेडियम स्थित हिरासत केंद्र पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई। दिल्ली पुलिस ने अन्य हिरासत में लिए गए सांसदों और कार्यकर्ताओं को भी अलग-अलग स्थानों पर भेजा।
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा सड़क पर लेट गईं और आगे बढ़ने से रोकने का विरोध किया। बाद में महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाकर पुलिस वाहन में बैठाया। प्रियंका ने पुलिस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों के साथ गलत व्यवहार किया गया। ये आरोप प्रियंका गांधी और कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं। पुलिस की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन के लिए निर्धारित अनुमति और सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी है।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक जंतर-मंतर पर धरना या प्रदर्शन करने के लिए पहले से अनुमति लेना आवश्यक है। पुलिस ने कहा है कि आयोजकों को प्रस्तावित कार्यक्रम से कम से कम 10 दिन पहले आवेदन देना होता है। बुधवार को विपक्षी सांसदों को आगे बढ़ने से रोकने के दौरान पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों और पूर्व अनुमति की जरूरत का भी हवाला दिया।
हिरासत में लिए जाने के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग जारी रखेगा। उन्होंने इससे पहले कहा था कि उनके खिलाफ दर्ज होने वाली प्रत्येक FIR उनके लिए “मेडल” की तरह है और वे इस मुद्दे पर पीछे नहीं हटेंगे। विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं।
दूसरी ओर चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का उद्देश्य रिकॉर्ड को अद्यतन करना और मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट अथवा अन्य अपात्र प्रविष्टियों की पहचान करना है। चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा दोनों विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे चुनावी हेरफेर के आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
बुधवार की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन विपक्ष और दिल्ली पुलिस के बीच हुए टकराव का हिस्सा रही। मंगलवार को भी राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य विपक्षी सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया था, जिसके बाद नेताओं ने आकाशवाणी भवन के आसपास लंबा धरना दिया। बाद में पुलिस ने राहुल और प्रियंका समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था।
बुधवार को विपक्ष ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को दोबारा उठाने का फैसला किया, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही नेताओं को रोक दिया गया। PTI के मुताबिक राहुल गांधी और अन्य नेताओं को पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन स्थल से हटाया, जबकि प्रियंका गांधी समेत कई महिला नेता सड़क पर बैठी और लेटी रहीं। बाद में उन्हें भी हिरासत में लेकर पुलिस बसों में ले जाया गया।
राहुल गांधी को बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन ले जाए जाने की सूचना मिलने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी वहां पहुंचे। केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन और तेलंगाना की भोंगीर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी भी बाराखंबा रोड पुलिस स्टेशन के बाहर पहुंचे। चमाला किरण कुमार रेड्डी वर्तमान में भोंगीर से कांग्रेस सांसद हैं।
इस पूरे आंदोलन का केंद्र SIR प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर विपक्ष की आपत्तियां हैं। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल आरोप लगा रहे हैं कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में ऐसी गड़बड़ियां हुई हैं, जिनसे पात्र नागरिकों का मतदान अधिकार प्रभावित हो सकता है। विपक्ष ने कथित रूप से गलत तरीके से हटाए गए नामों को बहाल करने, SIR की समीक्षा करने और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई है।
जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे नेताओं की हिरासत के बाद मध्य दिल्ली में सुरक्षा और बढ़ा दी गई। पुलिस ने बैरिकेडिंग की और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए। करीब 300 विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस कार्रवाई के कारण बड़ी संख्या में नेता निर्धारित स्थल तक नहीं पहुंच सके।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत के बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार से जोड़ा, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन और सार्वजनिक सभाएं निर्धारित नियमों तथा अनुमति के तहत ही आयोजित की जा सकती हैं। ऐसे में SIR विवाद अब चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव के साथ-साथ राजधानी में प्रदर्शन की अनुमति और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी बन गया है।
बुधवार के घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष फिलहाल अपना विरोध रोकने के मूड में नहीं है। वहीं चुनाव आयोग अपने रुख पर कायम है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की लगातार दूसरे दिन हिरासत ने इस विवाद को और तेज कर दिया है।
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