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PM Modis के स्वतंत्रता दिवस भाषणों ने बनाया रिकॉर्ड

Ratna Netam
15 Aug 2026 6:38 PM IST
PM Modis  के स्वतंत्रता दिवस भाषणों ने बनाया रिकॉर्ड
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करने की कुल अवधि के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए उनके 13वें लगातार संबोधन के बाद भाषणों की कुल अवधि 1,177 मिनट हो गई है। यह भारत के लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह के कुल संबोधन समय से काफी अधिक है।संकलित आंकड़ों के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 से 2026 के बीच लाल किले से 13 बार राष्ट्र को संबोधित किया। इस दौरान उनके भाषणों की औसत अवधि करीब 91 मिनट रही। पूर्व प्रधानमंत्रियों के मुकाबले न केवल उनके संबोधनों का कुल समय अधिक है, बल्कि औसत अवधि भी सबसे ज्यादा बताई गई है।
तुलनात्मक आंकड़ों के अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने लाल किले से 16 स्वतंत्रता दिवस संबोधनों में कुल 504 मिनट तक भाषण दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के 10 संबोधनों की कुल अवधि 417 मिनट रही। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 17 बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए कुल करीब 400 मिनट भाषण दिया था। इस हिसाब से कम संबोधनों के बावजूद प्रधानमंत्री मोदी का कुल भाषण समय इन तीनों पूर्व प्रधानमंत्रियों से अधिक हो गया है। में इन तुलनात्मक आंकड़ों का विवरण दिया गया है।
जवाहरलाल नेहरू के स्वतंत्रता दिवस भाषणों की औसत अवधि करीब 24 मिनट बताई गई है। अटल बिहारी वाजपेयी का औसत 30 मिनट, इंदिरा गांधी का 32 मिनट, मनमोहन सिंह का 42 मिनट और राजीव गांधी का 47 मिनट रहा। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के प्रत्येक संबोधन की औसत अवधि करीब 52 मिनट रही। इसके मुकाबले प्रधानमंत्री मोदी का लगभग 91 मिनट का औसत सबसे अधिक है।अन्य प्रधानमंत्रियों के आंकड़ों पर नजर डालें तो पीवी नरसिम्हा राव ने पांच संबोधनों में कुल 259 मिनट तक भाषण दिया। राजीव गांधी ने पांच स्वतंत्रता दिवस भाषणों में 233 मिनट और अटल बिहारी वाजपेयी ने छह संबोधनों में कुल 177 मिनट तक राष्ट्र को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लाल किले से अपना लगातार 13वां स्वतंत्रता दिवस संबोधन दिया। अलग-अलग मीडिया रिपोर्टों में वर्ष 2026 के भाषण की अवधि 75 से 78 मिनट के बीच बताई गई है। यह पिछले कुछ वर्षों में उनके अपेक्षाकृत छोटे भाषणों में शामिल रहा। इससे पहले 2025 में प्रधानमंत्री का संबोधन करीब 103 मिनट चला था, जिसे उनका सबसे लंबा स्वतंत्रता दिवस भाषण बताया गया था। 2024 में उन्होंने करीब 98 मिनट तक देश को संबोधित किया था। में 2026 के संबोधन की अवधि 78 मिनट बताई गई है।लाल किले से दिए गए प्रधानमंत्री मोदी के भाषणों में सरकार की नीतियों, योजनाओं और भविष्य के राष्ट्रीय लक्ष्यों का विस्तृत उल्लेख देखने को मिलता रहा है। उनके संबोधनों में आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे का विस्तार, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के लिए रोजगार और अवसर, पर्यावरण संरक्षण, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सांस्कृतिक विरासत जैसे विषय प्रमुख रहे हैं।
पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को अपने संबोधनों का मुख्य विषय बनाया है। इसके तहत नागरिकों की भागीदारी, तकनीक के इस्तेमाल, घरेलू विनिर्माण, नवाचार और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर दिया गया है। वह अपने भाषणों में बीते वर्ष के कार्यों का उल्लेख करने के साथ आने वाले समय के लिए योजनाएं और लक्ष्य भी प्रस्तुत करते रहे हैं।
भाषणों की संख्या के मामले में जवाहरलाल नेहरू अभी भी 17 संबोधनों के साथ सबसे आगे हैं। इंदिरा गांधी ने कुल 16 बार लाल किले से देश को संबोधित किया था। हालांकि, लगातार संबोधनों की बात करें तो प्रधानमंत्री मोदी ने 13 भाषणों के साथ इंदिरा गांधी के 11 लगातार संबोधनों का आंकड़ा पार कर लिया है। अब लगातार स्वतंत्रता दिवस भाषण देने के मामले में उनसे आगे केवल जवाहरलाल नेहरू हैं।कुल 1,177 मिनट का रिकॉर्ड यह दिखाता है कि लाल किले का स्वतंत्रता दिवस संबोधन अब सरकार की सालाना उपलब्धियों, मौजूदा चुनौतियों और भविष्य की कार्ययोजना को विस्तार से जनता के सामने रखने का महत्वपूर्ण मंच बन गया है।
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