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दिल्ली-एनसीआर
प्रशांत भूषण की याचिका पर CJI सूर्यकांत ने पूछा क्या आपको जानकारी है?
Ratna Netam
1 Sept 2026 2:17 PM IST

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दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी चर्चा में है। सुनवाई के दौरान एक सीनियर वकील की दलील पर CJI सूर्यकांत ने सवाल किया कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी है कि संबंधित मामला अभी हाई कोर्ट में लंबित है। उन्होंने वकील से कहा कि पहले मामले की स्थिति की जानकारी लें, उसके बाद ही अदालत के सामने दलील रखें।
मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के सामने कुछ तर्क रखे, जिसके बाद पीठ ने मामले की प्रक्रिया और लंबित कार्यवाही को लेकर सवाल उठाया। CJI सूर्यकांत ने कहा कि अगर कोई मामला पहले से हाई कोर्ट में विचाराधीन है तो सीधे सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले उसकी स्थिति को समझना जरूरी है।
CJI ने जताई नाराजगी
अदालत में कई बार ऐसा होता है कि पक्षकार या उनके वकील किसी मामले की पूरी जानकारी के बिना दलील पेश कर देते हैं। ऐसे मामलों में न्यायालय यह सुनिश्चित करता है कि प्रक्रिया का सही तरीके से पालन हो। इसी दौरान CJI सूर्यकांत ने वकील को मामले की पेंडेंसी और हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई की जानकारी रखने की बात कही।
CJI की टिप्पणी का उद्देश्य यह बताना था कि अदालत के सामने सही तथ्य और पूरी जानकारी के साथ ही बहस होनी चाहिए। न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या पहले से काफी अधिक है, ऐसे में किसी मामले की स्थिति जाने बिना आगे बढ़ना न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने दी प्रक्रिया की याद
सुप्रीम कोर्ट लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि हर मामले में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। यदि कोई मामला हाई कोर्ट में लंबित है तो सामान्य तौर पर पहले वहीं सुनवाई पूरी होने का इंतजार किया जाता है, जब तक कि कोई विशेष परिस्थिति न हो।
CJI सूर्यकांत की टिप्पणी इसी न्यायिक अनुशासन से जुड़ी मानी जा रही है। उन्होंने यह संदेश दिया कि वरिष्ठ वकील होने के बावजूद अदालत में पेश होने से पहले मामले के हर पहलू की जानकारी होना जरूरी है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
CJI की यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गई। कई लोगों ने इसे अदालत की सख्ती और न्यायिक व्यवस्था में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश बताया। वहीं कानूनी जानकारों का कहना है कि अदालत में तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट रखना वकीलों की जिम्मेदारी होती है।
न्यायपालिका में बढ़ते लंबित मामलों पर जोर
देश की अदालतों में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट लगातार पुराने मामलों के जल्द निपटारे की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में किसी मामले को सही मंच पर और सही प्रक्रिया के तहत उठाना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
CJI सूर्यकांत की टिप्पणी इसी दिशा में एक संकेत के रूप में देखी जा रही है कि अदालत समय और प्रक्रिया दोनों को लेकर गंभीर है। उन्होंने साफ किया कि किसी भी मामले में आगे बढ़ने से पहले उसकी पूरी कानूनी स्थिति को समझना आवश्यक है।
इस घटना के बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई है कि अदालत में प्रभावी पैरवी के लिए केवल अनुभव ही नहीं बल्कि मामले की वर्तमान स्थिति और सभी कानूनी पहलुओं की जानकारी भी उतनी ही जरूरी है।
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