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Shashi थरूर का सरकार पर हमला, बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज गलत

Ratna Netam
20 July 2026 4:52 PM IST
Shashi  थरूर का सरकार पर हमला, बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज गलत
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New Delhi नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने सोमवार को केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर निशाना साधा। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर से चढ़ावे की चोरी और नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों का जिक्र करते हुए सरकार से जवाबदेही की मांग की। थरूर ने कहा कि संसद केवल विधेयकों की जानकारी देने और उन्हें पारित कराने का मंच नहीं हो सकती, बल्कि यहां विपक्ष की आवाज को भी उचित स्थान मिलना चाहिए।

शशि थरूर ने संसद की कार्यप्रणाली को लेकर कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास बहुमत होने के कारण वह अंत में अपने फैसले पारित करा लेती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि विपक्ष को अपनी बात रखने का मौका न दिया जाए।

उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा और बहस लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का काम करता है। ऐसे में विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को गंभीर मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।

थरूर ने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे की चोरी के मामले और नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ऐसे विषय सीधे आम लोगों की भावनाओं और भविष्य से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मामलों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।

वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर भी शशि थरूर ने सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों की ओर से निकाले गए संसद मार्च और पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से हो रहा है तो उस पर लाठीचार्ज करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज अहिंसा का तरीका नहीं है, बल्कि यह हिंसा का एक रूप है। थरूर ने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को उनकी आवाज सुननी चाहिए।

कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं और जब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण हैं, तब तक प्रशासन को संयम से काम लेना चाहिए।

गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्ष लगातार विभिन्न मामलों पर चर्चा की मांग कर रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलनी चाहिए।

शशि थरूर के बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। कांग्रेस समेत विपक्षी दल लगातार सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सत्तापक्ष विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा रहा है। आने वाले दिनों में संसद में यह राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।

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