
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त अपने बेबाक और मजाकिया अंदाज के लिए अक्सर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ऐसा ही दिलचस्प वाकया देखने को मिला। महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने संजय दत्त से मराठी भाषा में लोगों को संबोधित करने का अनुरोध किया। अभिनेता ने इस फरमाइश का जवाब पुणे की यरवडा जेल में बिताए अपने समय का जिक्र करते हुए दिया, जिसके बाद कार्यक्रम में मौजूद लोग हंस पड़े।
संजय दत्त ने कहा कि यरवडा जेल में लंबा समय बिताने के बावजूद वह ठीक से मराठी नहीं सीख पाए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में प्रताप सरनाईक को जवाब देते हुए कहा, "प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, यरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। बस थोड़ी-बहुत ही सीख पाया था।"
Sanjay Dutt admits that despite being in Yerwada Jail for 6 yrs, he still couldn’t learn Marathi.
— BhikuMhatre (@MumbaichaDon) September 6, 2026
But Shiv Sena Minister standing next to him (who has passed Diktat for Non-Marathi Auto & Taxi drivers to speak Marathi) & "Great Marathi Warriors" Thackeray bros won't have any…
संजय दत्त की यह बात सुनकर प्रताप सरनाईक भी जोर से हंस पड़े। कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोगों के बीच भी यह पल चर्चा का विषय बन गया।
मंत्री ने की मराठी में बोलने की फरमाइश
कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने संजय दत्त से मराठी में कुछ शब्द बोलने का आग्रह किया था। महाराष्ट्र में सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान फिल्मी सितारों और अन्य हस्तियों से मराठी में संबोधन करने की मांग अक्सर देखने को मिलती है।
संजय दत्त ने इस अनुरोध को सीधे तौर पर स्वीकार करने के बजाय अपने अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह मराठी में पूरी तरह बात नहीं कर सकते और इसके पीछे उन्होंने यरवडा जेल से जुड़ा किस्सा सुनाया।
उनका जवाब गंभीर बातचीत को अचानक हल्के-फुल्के माहौल में बदलने वाला साबित हुआ। प्रताप सरनाईक भी अभिनेता का जवाब सुनकर अपनी हंसी नहीं रोक सके।
यरवडा जेल का किया जिक्र
संजय दत्त ने अपनी जिंदगी के उस दौर का उल्लेख किया जब उन्हें पुणे की यरवडा सेंट्रल जेल में रहना पड़ा था। अभिनेता ने इसी अनुभव को मराठी भाषा से जोड़ते हुए कहा कि वहां रहने के बावजूद वह भाषा ठीक तरह से नहीं सीख सके।
उन्होंने यह जरूर कहा कि उन्हें थोड़ी-बहुत मराठी आती है। अभिनेता के जवाब का अंदाज ऐसा था कि कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया।
संजय दत्त पहले भी अपने जीवन के मुश्किल दौर और जेल में बिताए समय को लेकर सार्वजनिक मंचों पर बात करते रहे हैं। इस बार उन्होंने उसी अनुभव को एक हल्के-फुल्के किस्से के रूप में पेश किया।
पुरानी याद से बना मजेदार माहौल
कार्यक्रम में जब प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बोलने का अनुरोध किया, तब शायद किसी को उम्मीद नहीं थी कि संजय दत्त जवाब में अपनी जेल की जिंदगी का जिक्र कर देंगे।
अभिनेता ने मराठी भाषा में अपनी सीमित पकड़ को स्वीकार करते हुए यरवडा का उदाहरण दिया। उनका जवाब सुनते ही मंच पर मौजूद लोगों के चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी।
इस बातचीत ने कार्यक्रम के माहौल को हल्का कर दिया। संजय दत्त के प्रशंसकों के बीच भी यह किस्सा चर्चा का विषय बना।
महाराष्ट्र से संजय दत्त का पुराना नाता
संजय दत्त का जन्म और फिल्मी करियर दोनों मुंबई से गहराई से जुड़े रहे हैं। वह दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त और अभिनेत्री नरगिस दत्त के बेटे हैं। दशकों से हिंदी फिल्म उद्योग में सक्रिय संजय दत्त ने अपने करियर में कई चर्चित फिल्मों में काम किया है।
उनकी जिंदगी फिल्मों के अलावा व्यक्तिगत उतार-चढ़ाव और कानूनी मामलों के कारण भी चर्चा में रही है। पुणे की यरवडा जेल में बिताया गया उनका समय उनकी जिंदगी के सबसे चर्चित अध्यायों में से एक रहा है।
इसी वजह से जब उन्होंने सार्वजनिक मंच पर मराठी बोलने की फरमाइश के जवाब में यरवडा का जिक्र किया तो उनका बयान तुरंत लोगों का ध्यान खींचने वाला बन गया।
सोशल मीडिया पर भी चर्चा
फिल्मी सितारों के सार्वजनिक कार्यक्रमों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते हैं। संजय दत्त के इस बयान की भी चर्चा होने लगी। खास तौर पर उनके जवाब का मजाकिया अंदाज लोगों का ध्यान खींच रहा है।
अभिनेता के प्रशंसक उनके बेबाक अंदाज से पहले से परिचित हैं। कई कार्यक्रमों में वह सवालों का जवाब सीधे और हल्के-फुल्के तरीके से देते दिखाई देते हैं।
इस कार्यक्रम में भी उन्होंने मराठी में भाषण नहीं दे पाने की बात स्वीकार करने के साथ ऐसा किस्सा जोड़ दिया, जिसने वहां मौजूद लोगों को हंसने का मौका दे दिया।
यरवडा जेल में रहे थे संजय दत्त
संजय दत्त को 1993 के मुंबई बम धमाकों से जुड़े मामले में अवैध हथियार रखने के अपराध में सजा हुई थी। उन्होंने अपनी सजा का एक हिस्सा पुणे की यरवडा सेंट्रल जेल में बिताया था और फरवरी 2016 में जेल से रिहा हुए थे।
कार्यक्रम में अभिनेता ने बातचीत के दौरान अपनी जेल अवधि को बोलचाल में "छह साल" बताया। उनका उद्देश्य यहां अपनी कानूनी यात्रा का विस्तृत विवरण देना नहीं, बल्कि मराठी नहीं सीख पाने की बात को मजाकिया अंदाज में कहना था।
एक जवाब और बदल गया माहौल
कार्यक्रम में मराठी बोलने का सामान्य सा अनुरोध संजय दत्त के जवाब के कारण यादगार पल में बदल गया। प्रताप सरनाईक की फरमाइश पर अभिनेता ने अपनी सीमित मराठी स्वीकार की और यरवडा जेल का किस्सा जोड़ दिया।
संजय दत्त की टिप्पणी पर मंत्री के जोर से हंसने के बाद वहां मौजूद लोगों ने भी इस पल का आनंद लिया। एक बार फिर अभिनेता का बेबाक और मजाकिया अंदाज सुर्खियों में आ गया।





