Film विवाद में सलमान खान की याचिका पर अदालत की अहम टिप्पणी

Entertainment मनोरंजन : दिल्ली उच्च न्यायालय ने अभिनेता सलमान खान की उस याचिका पर सुनवाई को 6 जुलाई तक के लिए टाल दिया है, जिसमें उन्होंने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। यह मामला सलमान खान के पर्सनैलिटी राइट्स और उनके जीवन से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे पर आधारित फिल्म को लेकर चर्चा में है।सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस फिल्म को लेकर याचिका दायर की गई है, उसे अभी तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) के पास प्रमाणन के लिए भेजा ही नहीं गया है। ऐसे में फिलहाल फिल्म की रिलीज को लेकर कोई तत्काल आदेश देने की आवश्यकता नहीं बनती।
मामले की सुनवाई जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ द्वारा की गई। अदालत ने यह भी पाया कि अभिनेता सलमान खान की ओर से दाखिल किया गया जवाब अभी रिकॉर्ड पर शामिल नहीं है, जिसके चलते प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में कुछ औपचारिक बाधाएं सामने आई हैं।सुनवाई के दौरान सलमान खान की ओर से पेश वकील ने अदालत से तुरंत प्रभाव से फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की। हालांकि फिल्म निर्माताओं की ओर से अदालत को यह भरोसा दिलाया गया कि आगामी सुनवाई यानी 6 जुलाई तक फिल्म को CBFC के पास सर्टिफिकेशन के लिए प्रस्तुत नहीं किया जाएगा।
सलमान खान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि यह फिल्म उस चर्चित ब्लैकबक शिकार मामले पर आधारित है, जिसमें वे पहले आरोपी रहे हैं। उनका कहना है कि फिल्म में उनके जीवन से मिलते-जुलते किरदार को दिखाया गया है, जो उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करता है।अदालत ने फिलहाल स्पष्ट कर दिया है कि बिना सेंसर बोर्ड की मंजूरी के किसी भी फिल्म की रिलीज संभव नहीं है। ऐसे में जब तक फिल्म प्रमाणन प्रक्रिया में प्रवेश नहीं करती, तब तक इस पर रोक लगाने या अन्य कोई आदेश देने का आधार नहीं बनता।अब इस मामले में अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी, जिस पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हुई हैं।





