‘Raakh’ में दिखा रंगा-बिल्ला केस का असर, ओटीटी पर बढ़ी हलचल

Entertainment एंटरटेनमेंट : प्राइम वीडियो (Prime Video) की नई सीरीज ‘राख’ (Raakh) इन दिनों ओटीटी प्लेटफॉर्म पर चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। यह सीरीज एक सच्ची घटना पर आधारित है, जिसमें 1978 के कुख्यात रंगा-बिल्ला केस (Ranga-Billa Case) की कहानी को दिखाया गया है। इस केस ने उस समय पूरे देश को झकझोर दिया था।
सीरीज की कहानी गीता और संजय चोपड़ा नाम के भाई-बहन के अपहरण और उनकी हत्या की घटना पर केंद्रित है। यह घटना साल 1978 में हुई थी और इसे भारत के सबसे संवेदनशील और दर्दनाक आपराधिक मामलों में से एक माना जाता है। ‘Raakh’ इसी वास्तविक घटना को एक ड्रामेटिक और थ्रिलर अंदाज में पेश करती है, जिससे दर्शक कहानी से जुड़े रहते हैं।
सीरीज के रिलीज होते ही इसे दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। कुछ लोग इसे वास्तविक घटनाओं को दिखाने का साहसी प्रयास बता रहे हैं, वहीं कुछ दर्शकों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मामलों को दिखाते समय और अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।
‘Raakh’ में कहानी के साथ-साथ किरदारों की परफॉर्मेंस को भी काफी महत्व दिया गया है। सीरीज में दिखाए गए घटनाक्रम उस दौर की सामाजिक और कानूनी व्यवस्था को भी दर्शाते हैं, जिससे दर्शकों को एक ऐतिहासिक संदर्भ मिलता है। यही वजह है कि यह सीरीज सिर्फ एक क्राइम ड्रामा नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश भी देती है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रियल क्राइम आधारित कंटेंट की मांग लगातार बढ़ रही है और ‘Raakh’ इसी ट्रेंड का हिस्सा है। दर्शक अब केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानियों में भी रुचि दिखा रहे हैं।
हालांकि, इस तरह की सीरीज को लेकर एक बहस भी शुरू हो जाती है कि क्या पुराने और दर्दनाक मामलों को मनोरंजन के रूप में दिखाना सही है या नहीं। इसके बावजूद ‘Raakh’ ने ओटीटी पर अपनी मजबूत पकड़ बना ली है और लगातार ट्रेंड कर रही है।





