
Mumbai मुंबई : हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल **‘लगान’** अपनी रिलीज के 25 साल पूरे कर चुकी है। इस खास मौके पर फिल्म को एक बार फिर बड़े पर्दे पर रिलीज किया जा रहा है। दर्शक 12 जून से 14 जून के बीच देशभर के चुनिंदा सिनेमाघरों में इस फिल्म का आनंद ले सकेंगे। फिल्म की दोबारा रिलीज को लेकर प्रशंसकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
इस अवसर पर फिल्म के गीतकार **जावेद अख्तर** ने ‘लगान’ के गानों से जुड़ी यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि फिल्म का लोकप्रिय भक्ति गीत **‘ओ पालनहारे’** लिखना उनके लिए सबसे कठिन काम था। जावेद अख्तर के मुताबिक, भक्ति गीत लिखते समय शब्दों की सादगी, भावना और श्रद्धा का संतुलन बनाए रखना आसान नहीं होता। यही कारण था कि इस गीत के बोल तैयार करने में उन्हें काफी सोच-विचार करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि फिल्म के अन्य गीतों की तुलना में ‘ओ पालनहारे’ एक अलग तरह की चुनौती थी। इस गीत में ऐसी भावनाएं व्यक्त करनी थीं, जो सीधे लोगों के दिल तक पहुंचें और उनमें विश्वास व उम्मीद का भाव जगाएं। जावेद अख्तर ने बताया कि वह चाहते थे कि गीत सरल भाषा में हो, लेकिन उसकी गहराई भी बनी रहे।
साल 2001 में रिलीज हुई ‘लगान’ का निर्देशन **आशुतोष गोवारिकर** ने किया था। फिल्म में **आमिर खान** ने मुख्य भूमिका निभाई थी और उन्होंने इसका निर्माण भी किया था। ग्रामीण भारत की पृष्ठभूमि पर आधारित इस फिल्म की कहानी, अभिनय और संगीत को दर्शकों ने खूब सराहा था। फिल्म के गाने आज भी लोकप्रिय हैं और कई लोगों की पसंदीदा सूची में शामिल हैं।
‘लगान’ को भारतीय सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मों में गिना जाता है। यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा में रही थी और इसे कई प्रतिष्ठित मंचों पर सराहना मिली थी। 25 साल बाद इसकी दोबारा रिलीज दर्शकों को पुराने दौर की यादें ताजा करने का मौका देगी।
फिल्म से जुड़े कलाकारों और प्रशंसकों के लिए यह अवसर खास माना जा रहा है। एक बार फिर बड़े पर्दे पर ‘लगान’ की वापसी से सिनेमा प्रेमियों को इस यादगार कहानी और इसके लोकप्रिय गीतों को सिनेमाघर के माहौल में देखने और सुनने का अवसर मिलेगा।





