Caste प्रतिनिधित्व को लेकर Neeraj Ghaywan ने पंचायत पर साधा निशाना

Entertainment मनोरंजन : फिल्म ‘मसान’ और ‘होमबाउंड’ जैसी चर्चित फिल्मों के निर्देशक नीरज घायवान ने भारत के लोकप्रिय वेब सीरीज ‘पंचायत’ को लेकर अपनी राय व्यक्त की है। उन्होंने सीरीज में दिखाए गए किरदारों और गांव की प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं।
नीरज घायवान का कहना है कि ‘पंचायत’ को दर्शक गांव की असली तस्वीर के रूप में देखते हैं, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। उनके अनुसार, किसी भी गांव की संरचना इतनी एकतरफा नहीं हो सकती कि उसमें केवल एक ही वर्ग या समुदाय के लोग दिखाए जाएं।
उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि सीरीज के मुख्य किरदार ज्यादातर अपर कास्ट से दिखाए गए हैं। उनका कहना है कि भारतीय गांवों की सामाजिक संरचना विविध होती है और वहां विभिन्न जातियों और समुदायों का मिश्रण होता है, जिसे स्क्रीन पर और अधिक संतुलित तरीके से दिखाया जाना चाहिए।
नीरज घायवान ने कहा कि लोकप्रिय कंटेंट का असर दर्शकों की सोच पर पड़ता है, इसलिए जरूरी है कि कहानियों में समाज की वास्तविक विविधता को जगह दी जाए। उनके अनुसार, जब कोई शो ‘रियलिस्टिक’ गांव दिखाने का दावा करता है, तो उसमें सभी वर्गों की मौजूदगी दिखनी चाहिए।
इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं और कंटेंट में विविधता की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ दर्शकों का मानना है कि शो को कहानी के नजरिए से देखा जाना चाहिए न कि सामाजिक प्रतिनिधित्व के रूप में।
हालांकि, इस पूरे मामले ने एक बार फिर ओटीटी कंटेंट में प्रतिनिधित्व और वास्तविकता के संतुलन को लेकर बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि इस पर शो के निर्माताओं या अन्य कलाकारों की क्या प्रतिक्रिया आती है।





