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सौंदर्या रजनीकांत: छात्रों की बात सहानुभूति, गरिमा और सम्मान के साथ सुनी जानी चाहिए

Tara Tandi
24 July 2026 6:41 PM IST
सौंदर्या रजनीकांत: छात्रों की बात सहानुभूति, गरिमा और सम्मान के साथ सुनी जानी चाहिए
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Chennai चेन्नई: तमिल सुपरस्टार रजनीकांत की छोटी बेटी और प्रोड्यूसर सौंदर्या रजनीकांत ने शुक्रवार को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध कर रहे छात्रों के प्रति एकजुटता दिखाई। उन्होंने कहा कि छात्र हमारा भविष्य हैं और उनकी आवाज़ को सहानुभूति, गरिमा और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए।
छात्रों के समर्थन में अपने इंस्टाग्राम पेज पर सौंदर्या रजनीकांत ने कहा, "भारत के छात्रों के साथ एकजुटता। छात्र हमारा भविष्य हैं। उनकी आवाज़ को सहानुभूति, गरिमा और सम्मान के साथ सुना जाना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "हर छात्र को एक ऐसी शिक्षा प्रणाली मिलनी चाहिए जो आत्मविश्वास, निष्पक्षता और उम्मीद जगाए। आइए, उस भविष्य के लिए प्रयास करते रहें।"
वहीं, मशहूर मलयालम अभिनेत्री मंजू वारियर ने कहा, "राजनीति से ऊपर इंसानियत होनी चाहिए।"
छात्रों और CJP के विरोध प्रदर्शनों पर अपने विचार रखते हुए, जो हर पल और तेज़ होते जा रहे हैं, अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर कहा, "राजनीति से ऊपर इंसानियत होनी चाहिए। हमारे युवाओं को सवाल पूछने, चिंताएं ज़ाहिर करने और सार्थक बातचीत की उम्मीद करने का अधिकार है। पूरे भारत में परीक्षा प्रणाली पर भरोसा बना रहना चाहिए। हमारी शिक्षा प्रणाली में विश्वास तभी मज़बूत हो सकता है जब उसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता हो। मेरिट को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। सच मायने रखना चाहिए। हमारे छात्र डर नहीं, बल्कि उम्मीद और निष्पक्षता पर आधारित भविष्य के हकदार हैं।"
जानकारी के लिए बता दें कि छात्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सदस्य नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वे NEET-UG पेपर लीक सहित परीक्षाओं में बार-बार हो रही गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं।
ये विरोध प्रदर्शन अब देश के कई हिस्सों में फैल गए हैं, जिनमें मुंबई, बैंगलोर, चेन्नई, मणिपुर और पंजाब शामिल हैं।
इस बीच, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में CJP के प्रवक्ताओं के साथ बातचीत की। यह बातचीत NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर उनकी शिकायतों को दूर करने की एक नई कोशिश थी।
हालांकि, लगभग दो घंटे तक चली यह बैठक बेनतीजा रही, क्योंकि CJP अपनी एक मांग पर अड़ी रही - शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा।
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