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नाना पाटेकर की मौत से पहले क्या हुआ था? डॉक्टर ने बताई आखिरी घंटों की कहानी

nidhi
8 Oct 2026 10:07 AM IST
नाना पाटेकर की मौत से पहले क्या हुआ था? डॉक्टर ने बताई आखिरी घंटों की कहानी
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मेडिकल टीम पहुंची लेकिन नहीं बच सके नाना पाटेकर
नई दिल्ली: दिग्गज सुपरस्टार नाना पाटेकर को गोवा स्थित घर में गुरुवार की तड़के सुबह दिल का दौरा पड़ा. दरअसल, पणजी के पास डोना पाउला स्थित अपने अपार्टमेंट में बेहोश पाए जाने के बाद 75 वर्षीय अभिनेता को एक निजी अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल से जुड़े वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शेखर सालकर ने यह जानकारी दी. सालकर ने बताया कि लगातार 45 मिनट तक ‘सीपीआर' दिए जाने के बावजूद पाटेकर होश में नहीं आए. उन्होंने बताया कि ‘मेडिको-लीगल' मामला दर्ज किया गया है और शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा. लेकिन जो लोग नहीं जानते उन्हें बता दें कि नाना पाटेकर को अस्पताल ले जाने वाले उनके बेटे नहीं बल्कि कोई और थे.
भतीजा ले गया था नाना पाटेकर को अस्पताल
नाना पाटेकर गोवा में अपने घर पर भतीजे प्रसाद पाटेकर के साथ थे. उन्हें सिरदर्द की शिकायत थी और उन्होंने बताया कि पिछली रात से ही उन्हें ठीक नहीं लग रहा था. आधी रात के आसपास उनकी हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया. जहां उनका निधन हो गया. इस दौरान बेटे मल्हार साथ नहीं थे क्योंकि वह पुणे में थे, जिसके बाद निधन की खबर मिलने के बाद वह गोवा के लिए रवाना हुए.
नाना पाटेकर के इलाज की जानकारी देते हुए गोवा के मणिपाल हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड, डॉ. शेखर सालकर कहते हैं, "नाना पाटेकर को हॉस्पिटल में मृत अवस्था में लाया गया था. सुबह 5:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. हमने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत ही लाया गया था. लगभग 45 मिनट से एक घंटे तक कार्डियक मसाज दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. हमें जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार रात करीब 2:30 बजे उन्होंने अपने दोस्त को मैसेज भेजा था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है. लेकिन रात का समय होने के कारण उनके दोस्त ने मैसेज नहीं देखा. इसलिए उन्होंने उन्हें फोन किया. वे सुबह करीब 4 बजे उनके घर पहुंचे. उस समय उन्हें पसीना आ रहा था. उन्होंने उन्हें संभालने की कोशिश की और शुरुआती जरूरी कदम उठाए. लेकिन वे धीरे-धीरे बेहोश हो रहे थे. इसलिए उन्होंने उनके केयरटेकर को हॉस्पिटल भेजा. वे हमारी एम्बुलेंस ले गए. जब ​​हमारी ER टीम वहां पहुंची तो उन्होंने कार्डियक मसाज शुरू की क्योंकि वे बिल्कुल भी प्रतिक्रिया नहीं दे रहे थे. वे उन्हें सुबह करीब 4:20 या 4:30 बजे हमारे हॉस्पिटल ले आए. हमने भी पूरी कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत अवस्था में ही लाया गया था. फिर हमें पुलिस केस दर्ज करना पड़ा क्योंकि यह एक MLC (मेडिको-लीगल केस) था. अब शव को पोस्टमार्टम के लिए गोवा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है. उनके परिवार के सदस्य वहां नहीं थे. उनके साथ उनके दोस्त और एक केयरटेकर मौजूद थे."
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