- Home
- /
- लाइफ स्टाइल
- /
- Children में जोड़ों का...
लाइफ स्टाइल
Children में जोड़ों का दर्द: शुरुआती लक्षण और समय रहते पहचान जरूरी
Harrison
25 Oct 2025 9:34 PM IST

x
Lifestyle, लाइफस्टाइल : अक्सर हम सोचते हैं कि जोड़ों का दर्द केवल वयस्कों या बुजुर्गों को ही होता है, लेकिन एक्सपर्ट्स बताते हैं कि बच्चों में भी जोड़ों का दर्द हो सकता है। खासकर स्कूल जाने वाले या खेलकूद में सक्रिय बच्चों में यह समस्या धीरे-धीरे बढ़ सकती है। समय रहते सही पहचान और इलाज न करने पर यह स्थिति गंभीर हो सकती है।
शुरुआती संकेत
एक्सपर्ट्स के अनुसार, बच्चों में जोड़ों के दर्द के शुरुआती लक्षण अक्सर हल्के और असामान्य होते हैं। इन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि बच्चे अपने दर्द के बारे में ठीक से बता नहीं पाते।
शुरुआती संकेतों में शामिल हैं:
ग्रोनिंग पेन – अक्सर रात या सोने के समय बच्चे अपने पैरों या घुटनों में दर्द की शिकायत करते हैं। इसे ग्रोनिंग पेन कहा जाता है और यह आमतौर पर बढ़ती उम्र के दौरान हल्का और अस्थायी होता है।
खेलकूद के दौरान चोट और दर्द – दौड़ते, कूदते या खेलते समय हल्की चोट लगना आम है, लेकिन अगर दर्द लंबे समय तक बना रहता है तो यह चिंताजनक हो सकता है।
जोड़ों में सुन्नपन या अकड़न – सुबह उठते समय या लंबे समय तक बैठे रहने के बाद बच्चे के जोड़ों में अकड़न या दर्द महसूस होना।
चलने-फिरने में असामान्य चाल – बच्चा अचानक ठीक से चल नहीं पा रहा है या किसी जोड़े को सहारा देते हुए चल रहा है।
जोड़ों में सूजन या लालिमा – अगर जोड़ों में सूजन या लालिमा दिखाई दे, तो यह इंफेक्शन या आर्थ्राइटिस का संकेत हो सकता है।
कारण
बच्चों में जोड़ों के दर्द के कई कारण हो सकते हैं। इसमें हल्की चोट से लेकर गंभीर रोग तक शामिल हैं। प्रमुख कारण हैं:
शारीरिक गतिविधि और चोट – खेलकूद, दौड़-भाग, गिरना या भारी चीज़ उठाना।
विकास संबंधी बदलाव – बच्चों के हड्डी और मांसपेशियों का तेजी से बढ़ना।
संक्रमण या इंफेक्शन – वायरल या बैक्टीरियल इंफेक्शन जो जोड़ को प्रभावित कर सकता है।
ऑटोइम्यून डिज़ीज़ – कुछ बच्चों में जॉइंट्स में इंफ्लेमेशन आ सकता है, जैसे कि जुवेनाइल आर्ट्राइटिस।
क्या करें माता-पिता
माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों के दर्द को नजरअंदाज न करें और समय रहते डॉक्टर से सलाह लें।
बच्चे की शिकायत पर ध्यान दें – अगर बच्चा लगातार दर्द की शिकायत कर रहा है।
दर्द का पैटर्न देखें – दर्द दिन में या रात में कब ज्यादा होता है।
सावधानीपूर्वक खेलकूद की निगरानी – चोट लगने पर तुरंत आराम और इलाज दें।
संतुलित आहार और कैल्शियम – हड्डियों और जोड़ों को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त पोषण दें।
इलाज और रोकथाम
जोड़ों के दर्द का इलाज दर्द के कारण पर निर्भर करता है। हल्के मामलों में आराम, हल्की एक्सरसाइज और पोषण पर्याप्त हो सकता है। गंभीर मामलों में डॉक्टर दवा, फिजियोथेरेपी या अन्य मेडिकल टेस्ट सुझा सकते हैं।
रोकथाम के उपाय:
नियमित हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग
खेल के दौरान सुरक्षा उपकरण का उपयोग
संतुलित आहार जिसमें कैल्शियम और विटामिन D शामिल हो
बच्चे को पर्याप्त नींद और आराम देना
बच्चों में जोड़ों का दर्द मामूली लग सकता है, लेकिन समय रहते पहचान और सही इलाज बेहद जरूरी है। ग्रोनिंग पेन या हल्की चोट को नजरअंदाज करना भविष्य में बड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। माता-पिता और शिक्षक दोनों को बच्चों की शिकायतों और खेलकूद गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।
समय पर ध्यान और उचित इलाज से बच्चों के जोड़ों की सेहत को मजबूत और दर्द-मुक्त रखा जा सकता है।
Tagsबच्चोंजोड़ोंदर्दChildrenjointspainजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newsSamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





