उत्तर प्रदेश

Pilibhit: खाद्य सुरक्षा विभाग ने बीसलपुर में 5.89 क्विंटल रंगीन कचरी जब्त

Tara Tandi
9 March 2025 12:38 PM IST
Pilibhit: खाद्य सुरक्षा विभाग ने बीसलपुर में 5.89 क्विंटल रंगीन कचरी जब्त
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Pilibhit पीलीभीत । खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बीसलपुर में कचरी-पापड़ बनाने वाली फैक्ट्री में छापेमारी की। इस दौरान टीम ने रंगीन कचरी के तीन सैंपल लेने के साथ ही 5.89 क्विंटल रंगीन कचरी जब्त कर ली। इसके अलावा टीम ने मिठाई की दुकान से भी सैंपलिंग की है।
होली का त्योहार नजदीक आ रहा है। त्योहार नजदीक आते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो चुके हैं। यह मिलावटखोर मुनाफा कमाने के चक्कर में जिदंगी से खिलवाड़ करने से भी गुरेज नहीं करते। इधर त्योहारों के मद्देनजर शासन-प्रशासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से जनपद में 03 मार्च से मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोकथाम के लिए अभियान चलाया रहा है।
इसी क्रम में शनिवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी स्वतंत्र कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने बीसलपुर के मोहल्ला दुर्गा प्रसाद में कचरी बनाने वाली एक फैक्ट्री में छापेमारी की।
यहां टीम ने संदेह पर 5.89 क्विंटल रंगीन कचरी जब्त कर ली। इस दौरान टीम ने रंगीन कचरी के 03 सैंपल भी दिए। जब्त की गई रंगीन कचरी को फैक्ट्री संचालक शहर की छत्रपति शिवाजी कॉलोनी धर्मेंद्र राठौर की सुपुर्दगी में दी है। इसके अलावा टीम ने कुथिया मोड़ पीलीभीत में मां पूर्णागरी स्वीट हाउस से सोन पपड़ी का सैंपल लिया है।
टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी शांतुन कुमार, तेजबहादुर सिंह, अनंतस्वरूप, प्रेम कुमार यादव आदि शामिल रहे। अभिहीत अधिकारी राम अवतार सिंह ने बताया कि बीसलुपर में निर्माण इकाई से रंगीन कचरी जब्त की गई है। संग्रहित किए गए सैंपलों को जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषक को भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिलावट की शिकायत का फर्जी निस्तारण का आरोप
पीलीभीत, अमृत विचार: बल्लभनगर कॉलोनी के निवासी शशांक मिश्रा ने आईजीआरएस और डीएम के समक्ष पेश होकर शहर के गैस चौराहा पर स्थित नमकीन प्रतिष्ठान के संचालक की शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि नमकीन की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। पैकिंग पर बैच नंबर और मैन्युफैक्चरिंग नहीं थी। मांगने पर भी बिल नहीं दिया गया। डीएम संजय कुमार सिंह की नाराजगी के बाद टीम ने नमकीन का सैंपल लिया था।
आरोप है कि पोर्टल पर फर्जी आख्या लगाई है। जिसमें सिर्फ सैंपलिंग करके ही औपचारिकता निभाई गई है। आख्या में कहा गया है कि बुलाने पर शिकायतकर्ता नहीं पहुंचा। जबकि शिकायतकर्ता की मानें तो सिर्फ कॉल कर सैंपलिंग की जानकारी दी गई थी, मौके पर नहीं बुलाया गया था। अन्य आरोपों को लेकर भी कोई जवाब नहीं दिया है। इसे लेकर पोर्टल पर आपत्ति दर्ज कराई है।
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