लाइफ स्टाइल

बारिश में स्ट्रीट फूड से बढ़ सकता है लिवर संक्रमण का खतरा

Saba Naaz
17 July 2026 6:46 PM IST
बारिश में स्ट्रीट फूड से बढ़ सकता है लिवर संक्रमण का खतरा
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लाइफ स्टाइल: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। मानसून के दौरान दूषित पानी, खराब साफ-सफाई और बाहर के खाने की वजह से संक्रमण का खतरा काफी बढ़ जाता है। खासतौर पर इस मौसम में हेपेटाइटिस ए और ई जैसे वायरस तेजी से फैल सकते हैं, जो सीधे लिवर को प्रभावित करते हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बरसात में स्ट्रीट फूड, कटे हुए फल और असुरक्षित पानी का सेवन लिवर संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है।

हेपेटाइटिस का मतलब लिवर में सूजन होना होता है। इसके कई प्रकार होते हैं, लेकिन हेपेटाइटिस ए और ई मुख्य रूप से दूषित भोजन और पानी के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। बारिश के मौसम में जलभराव, सीवेज की समस्या और गंदे पानी के संपर्क में आने से संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है। अगर संक्रमित पानी पी लिया जाए या उसी पानी से तैयार भोजन खाया जाए तो वायरस शरीर में पहुंचकर लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के दौरान सीवेज पाइप में लीकेज या नालियों के ओवरफ्लो होने से गंदा पानी पीने के पानी में मिल सकता है। यह पानी देखने में साफ लग सकता है, लेकिन इसमें मौजूद वायरस और बैक्टीरिया आंखों से दिखाई नहीं देते। यही कारण है कि बिना उबला या बिना फिल्टर किया पानी पीना इस मौसम में खतरनाक साबित हो सकता है।

स्ट्रीट फूड भी संक्रमण का बड़ा कारण बन सकता है। सड़क किनारे मिलने वाले गोलगप्पे, चाट, कटे हुए फल, कच्ची सब्जियां और बर्फ से बने पेय पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले पानी की गुणवत्ता हमेशा सुनिश्चित नहीं होती। कई बार खराब साफ-सफाई के कारण इनमें वायरस और बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन से हेपेटाइटिस के अलावा पेट से जुड़ी अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।

हेपेटाइटिस ए और ई के संक्रमण के बाद शुरुआत में सामान्य कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है। इसके बाद भूख कम लगना, पेट दर्द, उल्टी, बुखार और शरीर में कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। संक्रमण बढ़ने पर पीलिया की समस्या हो सकती है, जिसमें आंखों और त्वचा का रंग पीला पड़ जाता है। इसके अलावा पेशाब का रंग गहरा होना भी इसका संकेत हो सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर इस बीमारी से बचा जा सकता है। सबसे जरूरी है कि बारिश के मौसम में केवल साफ और सुरक्षित पानी का सेवन किया जाए। पानी को उबालकर पीना या अच्छे वॉटर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है। बाहर का कच्चा खाना, कटे हुए फल और खुले में रखे खाद्य पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए।

इसके अलावा खाना खाने से पहले और शौचालय के इस्तेमाल के बाद साबुन से हाथ धोना जरूरी है। ताजा और गर्म खाना खाने से संक्रमण का खतरा कम होता है, क्योंकि अधिक तापमान पर कई वायरस नष्ट हो जाते हैं। घर के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना और जलभराव से बचना भी जरूरी है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति में लगातार थकान, पेट दर्द, भूख न लगना या पीलिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर इलाज मिलने से हेपेटाइटिस को गंभीर होने से रोका जा सकता है। बारिश के मौसम में थोड़ी सतर्कता ही लिवर को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

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