आंध्र प्रदेश

सीएम नायडू का ध्यान उम्मीदवार चयन पर, 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट का लक्ष्य

Tulsi Rao
17 Oct 2026 10:46 AM IST
सीएम नायडू का ध्यान उम्मीदवार चयन पर, 100 प्रतिशत स्ट्राइक रेट का लक्ष्य
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विजयवाड़ा: मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। तेलुगु देशम (TD) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अपने सहयोगियों के बीच सीटों का बंटवारा पूरा कर लिया है और अब उसका पूरा ध्यान उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर है।

नायडू, मंत्री नारा लोकेश और तेलुगु देशम के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव, ज़मीनी स्तर से मिल रहे फीडबैक और जनता की राय को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त उम्मीदवारों की सूची तैयार करने में जुटे हैं। गठबंधन ऐसे लोगों को प्राथमिकता दे रहा है जो जनसेवा से जुड़े हैं, जिनका संगठन में अच्छा प्रभाव है और जिन्हें जनता का समर्थन हासिल है।

ये चुनाव गठबंधन के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इस बार मेयर और नगर पालिका अध्यक्षों का चुनाव सीधे जनता द्वारा किया जाएगा। नेतृत्व का लक्ष्य केंद्र, राज्य और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर तालमेल बिठाकर एक 'ट्रिपल-इंजन सरकार' बनाना है, ताकि विकास कार्यों में तेज़ी लाई जा सके।

तीनों दलों - TD, JS और BJP - द्वारा शनिवार तक अपने उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। TD आलाकमान ने पार्टी कार्यकर्ताओं की राय जानने के लिए IVRS के ज़रिए सर्वे शुरू कर दिया है। इसके अलावा, उम्मीदवारों की गहन जांच-पड़ताल भी चल रही है।

शुक्रवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के वरिष्ठ नेताओं ने पूरे आंध्र प्रदेश के गठबंधन नेताओं के साथ एक टेलीकॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्हें अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए काम करने का निर्देश दिया गया।

इस बैठक में TD के प्रदेश अध्यक्ष पल्ला श्रीनिवास राव, नागरिक आपूर्ति मंत्री नादेन्द्ला मनोहर और BJP के प्रदेश अध्यक्ष PVN माधव शामिल हुए। उन्होंने तीनों दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं से स्थानीय निकाय चुनावों में एक टीम के रूप में काम करने का आग्रह किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य की प्रगति के लिए गठबंधन की एकता बहुत ज़रूरी है।

नेताओं ने कहा कि सीटों का बंटवारा इस तरह से किया गया है कि उन लोगों को निराशा हुई है, जिन्हें उम्मीद थी कि सहयोगियों के बीच मतभेद पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन, प्रचार-प्रसार और चुनाव के अंतिम चरण तक सहयोग की यही भावना बनी रहनी चाहिए।

नेताओं ने पार्टी पदाधिकारियों को सलाह दी कि वे छोटे-मोटे मतभेदों से बचें, आपसी बातचीत से विवाद सुलझाएं और जीत हासिल करने के लिए मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि तीनों दलों के बीच एकता से राज्य और वहां की जनता, दोनों को फायदा होगा।

NDA नेताओं ने कहा कि सरकार ने अपने विकास और कल्याणकारी कार्यक्रमों के ज़रिए यह साबित कर दिया है कि आपसी तालमेल वाली शासन व्यवस्था के क्या फायदे होते हैं। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनावों में 100 प्रतिशत जीत का लक्ष्य रखा, और कहा कि इससे केंद्र से लेकर ज़मीनी स्तर तक एक 'ट्रिपल-इंजन' सरकार बनाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आंध्र प्रदेश को दिए गए समर्थन का भी ज़िक्र किया और कहा कि नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, केंद्र से मिली मदद का सही इस्तेमाल करके राज्य को विकास की राह पर ले जा रहे हैं।

नेताओं ने आम चुनावों, नामित पदों और स्थानीय निकाय चुनावों में इस गठबंधन के बने रहने को राजनीति में एक अनोखी बात बताया। उन्होंने टीडीपी, जन सेना और बीजेपी के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे राज्य, यहाँ के लोगों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के व्यापक हित में एकजुट रहें।

NDA नेताओं ने आरोप लगाया कि YS जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली YSR कांग्रेस के शासनकाल में राज्य 'विनाशकारी प्रशासन' से गुज़र रहा था, जिससे अब उसे बाहर निकाला गया है। उन्होंने गठबंधन के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे जनता को गठबंधन का पक्ष समझाएं और यह सुनिश्चित करें कि राज्य में YSR कांग्रेस फिर से अपनी राजनीतिक ज़मीन वापस न पा सके।

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