बिहार

मुजफ्फरपुर में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से 7 साल की बच्ची की मौत, सिर के घाव में लगा दिया चीरा

nidhi
18 July 2026 7:59 AM IST
मुजफ्फरपुर में झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से 7 साल की बच्ची की मौत, सिर के घाव में लगा दिया चीरा
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मुजफ्फरपुर में 7 वर्षीय बच्ची की मौत का यह मामला गंभीर चिंता का विषय है। परिजनों ने कथित झोलाछाप चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है

Bihar: मुजफ्फरपुर जिले से एक बेहद दुखद मामला सामने आया है। आरोप है कि एक कथित झोलाछाप चिकित्सक द्वारा इलाज के दौरान 7 वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बच्ची के सिर पर लगे मामूली घाव का उपचार करने के बजाय कथित चिकित्सक ने वहां चीरा लगा दिया, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उसकी हालत बिगड़ गई।

घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने कथित चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, बच्ची के सिर पर चोट लगने के बाद परिजन उसे इलाज के लिए एक स्थानीय निजी क्लिनिक लेकर पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद कथित झोलाछाप चिकित्सक ने बिना पर्याप्त चिकित्सीय सुविधा और विशेषज्ञता के घाव पर प्रक्रिया की।
परिजनों का कहना है कि उपचार के दौरान बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उसे दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृत बच्ची के परिवार का आरोप है कि—
सिर के घाव पर अनावश्यक चीरा लगाया गया।
उपचार में गंभीर लापरवाही बरती गई।
समय रहते उचित अस्पताल रेफर नहीं किया गया।
गलत उपचार के कारण अत्यधिक रक्तस्राव हुआ।
इन आरोपों की पुष्टि अभी आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। अधिकारियों ने बताया कि—
परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
संबंधित क्लिनिक और उपचार से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चिकित्सकीय राय के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यदि जांच में लापरवाही या अवैध चिकित्सकीय प्रैक्टिस की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग भी कर सकता है जांच
ऐसे मामलों में स्वास्थ्य विभाग यह जांच करता है कि संबंधित व्यक्ति के पास चिकित्सा अभ्यास के लिए आवश्यक योग्यता और वैध पंजीकरण था या नहीं।
यदि कोई व्यक्ति बिना आवश्यक अनुमति या योग्यता के चिकित्सा सेवा देता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
झोलाछाप से इलाज के खतरे
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना प्रशिक्षित या बिना वैध लाइसेंस वाले व्यक्तियों से इलाज कराना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। इससे—
गलत उपचार का खतरा बढ़ता है।
संक्रमण की आशंका रहती है।
मरीज की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
समय पर विशेषज्ञ इलाज न मिलने से जान का खतरा बढ़ सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ क्या सलाह देते हैं?
डॉक्टरों का कहना है कि—
सिर की चोट को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए।
चोट लगने पर निकटतम मान्यता प्राप्त अस्पताल या पंजीकृत चिकित्सक से ही इलाज कराना चाहिए।
अत्यधिक रक्तस्राव, बेहोशी, उल्टी या चक्कर आने जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

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