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बिहार : पप्पू यादव ने जीतन राम मांझी का किया समर्थन, शराबबंदी की समीक्षा की मांग

SHIDDHANT
14 Aug 2026 10:44 PM IST
बिहार : पप्पू यादव ने जीतन राम मांझी का किया समर्थन, शराबबंदी की समीक्षा की मांग
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Patna पटना। बिहार की शराबबंदी नीति को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। अलग-अलग दलों के नेता राज्य में लागू शराबबंदी कानून की समीक्षा करने की मांग कर रहे हैं। यह विवाद तब और बढ़ गया जब हाल ही में एक सर्वेक्षण में कथित तौर पर बिहार में शराबबंदी पर दोबारा विचार करने या इसे समाप्त करने की सिफारिश की गई। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक और सरकार के सहयोगी जीतन राम मांझी ने गुजरात मॉडल की तर्ज पर शराबबंदी को मजबूत बनाने की वकालत की है।
अब पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी जीतन राम मांझी की शराबबंदी नीति पर पुनर्विचार की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने इसके लागू करने के तरीके में बदलाव का सुझाव दिया है। शुक्रवार को दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद मीडिया से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि सरकार को मौजूदा व्यवस्था को जारी रखने के बजाय शराबबंदी के ढांचे की दोबारा समीक्षा करनी चाहिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों और मंदिरों के आसपास शराब संबंधी प्रतिबंध पहले की तरह सख्ती से लागू रह सकते हैं, जबकि पांच सितारा और सात सितारा होटलों के लिए अलग नियमों पर विचार किया जा सकता है। पप्पू यादव ने मौजूदा शराबबंदी व्यवस्था के आर्थिक प्रभाव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार को संभावित राजस्व का नुकसान हो रहा है, जबकि अवैध शराब का कारोबार नेताओं, अधिकारियों और अपराधियों के लिए कमाई का जरिया बन रहा है।
उन्होंने यह जानने के लिए व्यापक समीक्षा की मांग की कि क्या मौजूदा नीति अपने उद्देश्य पूरे करने में सफल हो रही है या नहीं। शराबबंदी सर्वे करने वाली एजेंसी को जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से कथित तौर पर कानूनी नोटिस भेजे जाने के सवाल पर पप्पू यादव ने कहा कि शराबबंदी को लेकर नीतीश कुमार की सोच और दृष्टिकोण का सम्मान किया जाना चाहिए।
किसी भी कानून की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए, ताकि उसकी प्रभावशीलता और उसके अनचाहे परिणामों का आकलन किया जा सके। पप्पू यादव के अनुसार, सरकार को शराबबंदी से होने वाले फायदे और नुकसान दोनों का मूल्यांकन करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर इसके लागू करने के तरीके में बदलाव पर विचार करना चाहिए।
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