
पटना। राजधानी के राजीवनगर थाना क्षेत्र में स्थित एक गेस्ट हाउस में कथित रूप से चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस और एसएसपी सेल की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट यानी एसआईयू की संयुक्त टीम ने घुड़दौड़ इलाके के गणपति गेस्ट हाउस में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग कमरों से चार युवतियों और एक युवक को हिरासत में लिया गया। सभी को पूछताछ के लिए राजीवनगर थाने ले जाया गया है।
पुलिस के अनुसार, घुड़दौड़ रोड पर चार मंजिला इमारत में संचालित इस गेस्ट हाउस में पिछले करीब छह महीने से संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियां होने की शिकायतें मिल रही थीं। लगातार मिल रही सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने गेस्ट हाउस की गतिविधियों पर नजर रखना शुरू किया। एसआईयू की टीम लगभग दो महीने से वहां आने-जाने वाले लोगों और अन्य गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटा रही थी।
शनिवार को पुलिस को सूचना मिली कि गेस्ट हाउस के अलग-अलग कमरों में कई युवक और युवतियां मौजूद हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस और एसआईयू की संयुक्त टीम ने भवन को चारों तरफ से घेरकर अचानक छापेमारी की। टीम ने गेस्ट हाउस के भूतल से लेकर चौथी मंजिल तक बने कमरों की तलाशी ली। इसी दौरान चार युवतियां और एक युवक अलग-अलग कमरों में मिले।
तलाशी अभियान में कमरों से कथित तौर पर आपत्तिजनक सामान, नकदी और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मौके से मिले सामान को जब्त कर लिया है। मोबाइल फोन की जांच से इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, ग्राहकों, संचालकों और संपर्क के माध्यमों के बारे में जानकारी मिलने की संभावना है। हालांकि बरामद मोबाइल फोन और नकदी के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि पुलिस की छापेमारी की भनक लगते ही गेस्ट हाउस का संचालक, कुछ कर्मचारी और वहां मौजूद कुछ अन्य लोग पिछले रास्ते से फरार हो गए। पुलिस ने फरार संचालक और कर्मचारियों की पहचान करने का दावा किया है। उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। संचालक के पकड़े जाने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गेस्ट हाउस में कथित अनैतिक गतिविधियों का संचालन किस तरह किया जा रहा था।
हिरासत में ली गई चार युवतियों में दो उत्तर प्रदेश, एक पश्चिम बंगाल और एक झारखंड की रहने वाली बताई जा रही हैं। पुलिस उनके दस्तावेजों और बयानों का सत्यापन कर रही है। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उनसे पूछताछ की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वे अपनी इच्छा से गेस्ट हाउस में आई थीं या उन्हें किसी एजेंट अथवा बिचौलिए के माध्यम से बुलाया गया था।
ऐसे मामलों में मानव तस्करी या जबरन देह व्यापार की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए पुलिस को हिरासत में ली गई महिलाओं की परिस्थितियों की संवेदनशीलता से जांच करनी होगी। यदि कोई महिला दबाव, धोखे या मजबूरी के कारण यहां लाई गई होगी तो उसकी पहचान पीड़िता के रूप में की जा सकती है। फिलहाल पुलिस ने इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है।
पकड़े गए युवक से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह ग्राहक था, गेस्ट हाउस के संचालन से जुड़ा था या कथित रैकेट में उसकी कोई दूसरी भूमिका थी। जांच पूरी होने से पहले उसकी भूमिका को लेकर निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा गया है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गेस्ट हाउस में आने वाले लोगों से संपर्क करने के लिए मोबाइल फोन और ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका है। जब्त मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, संदेश, भुगतान संबंधी रिकॉर्ड और संपर्क सूची की जांच से नेटवर्क का दायरा सामने आ सकता है। पुलिस यह भी जांचेगी कि कमरों की बुकिंग किसके नाम पर की गई थी और गेस्ट हाउस के रजिस्टर में आने वाले लोगों का सही विवरण दर्ज किया जाता था या नहीं।
पुलिस को पिछले छह महीने से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायत मिलने की बात कही गई है। इसके बाद करीब दो महीने तक गुप्त रूप से जानकारी जुटाई गई। पुलिस का कहना है कि पुख्ता सूचना मिलने के बाद छापेमारी की गई ताकि मौके से साक्ष्य मिल सकें। कार्रवाई के दौरान पूरे चार मंजिला भवन की तलाशी ली गई और कमरों से बरामद सामान को सील कर दिया गया। गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इस कार्रवाई से पहले करीब दो महीने तक गेस्ट हाउस की निगरानी की थी।
इस मामले में गेस्ट हाउस के संचालक और कर्मचारियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गतिविधियां उनकी जानकारी और सहमति से चल रही थीं या नहीं। इसके साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांची जा सकती है। फुटेज से गेस्ट हाउस में नियमित रूप से आने वाले लोगों और फरार आरोपियों की गतिविधियों की जानकारी मिल सकती है।
पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कथित सेक्स रैकेट का नेटवर्क केवल इसी गेस्ट हाउस तक सीमित था या इसके तार दूसरे शहरों और राज्यों से भी जुड़े हैं। युवतियों के अलग-अलग राज्यों से होने के कारण बिचौलियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। फरार संचालक और कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल हिरासत में लिए गए सभी लोगों से पूछताछ जारी है और उनकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।





