बिहार

Bihar में साइनस सर्जरी के बाद महिला को 23 साल तक कोमा में रहने पर डॉक्टर को 11.50 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश

Ashish verma
29 May 2025 7:41 PM IST
Bihar में साइनस सर्जरी के बाद महिला को 23 साल तक कोमा में रहने पर डॉक्टर को 11.50 लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश
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Bihar में साइनस सर्जरी के बाद महिला को 23 साल तक कोमा में

Patna.पटना. दिसंबर 2002 में साइनस की सर्जरी के बाद खगौल की महिला को होश नहीं आया. ऑपरेशन करने वाले ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अवधेश प्रसाद गुप्ता ने अगले दिन उसे न्यूरोसर्जन डॉ. प्रदीप कुमार के पास रेफर कर दिया. न्यूरोसर्जन ने उसे मगध अस्पताल में भर्ती कराया. वहां 15 दिन बाद उसकी मौत हो गई.बिना जरूरी उपकरण के हुआ ऑपरेशनपति भरत प्रसाद गुप्ता ने इसके लिए डॉ. अवधेश को दोषी ठहराया और मामला जिला उपभोक्ता आयोग में पहुंचाया. उन्होंने कहा कि बिना जरूरी उपकरण और विशेषज्ञ एनेस्थिसियोलॉजिस्ट के ऑपरेशन कर दिया गया. वहां आईसीयू नहीं था. मौत के बाद पोस्टमार्टम भी नहीं किया गया. मामला काफी पेचीदा था.10 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देशआयोग के अध्यक्ष प्रेम रंजन मिश्रा और सदस्य रजनीश कुमार ने दलीलों के साथ साक्ष्यों का अवलोकन किया और डॉ. अवधेश को दोषी पाया. ऐसे मामलों में अदालतों और उपभोक्ता आयोग द्वारा पहले दिए गए फैसलों ने भी रास्ता सुझाया. आयोग ने डॉ. अवधेश को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया. मानसिक-शारीरिक कष्ट के लिए एक लाख रुपये और कानूनी खर्च के लिए 50 हजार रुपये देने होंगे।

जिला उपभोक्ता आयोग ने सभी पक्षों को किया तलबयह मामला राज्य उपभोक्ता आयोग के माध्यम से जिला उपभोक्ता आयोग में आया था। सुनवाई के दौरान जिला उपभोक्ता आयोग ने सभी पक्षों को तलब किया। डॉ. अवधेश ने अपनी कुशलता और लंबे अनुभव का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान एनेस्थेटिस्ट मौजूद थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने भरत के बेटे के साइनस का भी सफल ऑपरेशन किया था।विशेषज्ञ डॉक्टर और आईसीयू नहींभरत ने कहा कि उनके निजी क्लीनिक में बुनियादी ढांचे की कमी है और वहां कोई अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर और आईसीयू नहीं है। बिना आईसीयू के ऑपरेशन कैसे हो सकता है? चिकित्सकीय लापरवाही और सेवा में कमी के कारण मरीज की मौत हो गई। डॉ. प्रदीप ने कहा कि मामला उनके पास देरी से आया। ब्रेन को गंभीर क्षति पहुंची थी और परिजनों की सहमति से मरीज को मगध अस्पताल भेजा गया।

एम्फिसिएक एन्सेफैलोपैथी से पीड़ित मरीजजांच में पता चला कि मरीज एम्फिसिएक एन्सेफैलोपैथी से पीड़ित है, जिसमें न्यूरो सिस्टम सेरिबैलम घायल हो जाता है, जो मस्तिष्क को प्रभावित कर रहा है। मगध अस्पताल ने कहा कि उसे ऑपरेशन के विवरण के बारे में कोई जानकारी नहीं है, क्योंकि यह अस्पताल में नहीं किया गया था। मरीज को बेहतरीन चिकित्सा और नर्सिंग सेवाएं प्रदान की गईं और उनकी ओर से सेवा में कोई कमी नहीं की गई।ऑपरेशन में घोर लापरवाहीआयोग ने अपने फैसले में लिखा है कि ऑपरेशन में घोर लापरवाही बरती गई। मरीज को दवा देकर बेहोश कर दिया गया। चोट के कारण मरीज की हालत कभी ऐसी नहीं हुई कि वह होश में आ सके, बल्कि चिकित्सकीय लापरवाही और सेवा में कमी के कारण उसकी हालत हर दिन बिगड़ती चली गई, जब तक कि उसकी मौत नहीं हो गई।


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