
पटना: मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में एमबीबीएस की 50 अतिरिक्त सीटों पर नामांकन का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने की सशर्त मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब पीएमसीएच में एमबीबीएस की कुल 250 सीटों पर छात्रों को प्रवेश मिल सकेगा।
पहले पीएमसीएच में एमबीबीएस की 200 सीटें थीं। सीटों में 50 की बढ़ोतरी होने से बिहार के मेडिकल छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे। इससे राज्य में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी और भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में योगदान मिलेगा।
एनएमसी ने सीट वृद्धि को लेकर सशर्त अनुमति जारी की है। आयोग ने पीएमसीएच प्रशासन को निर्देश दिया है कि संस्थान में मौजूद कमियों को 90 दिनों के भीतर दूर किया जाए। इसमें फैकल्टी की उपलब्धता, जरूरी संसाधन और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर करना शामिल है। कॉलेज प्रशासन ने एनएमसी के निर्देशों को पूरा करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
एनएमसी की ओर से 10 जुलाई को जारी लेटर ऑफ परमिशन में बताया गया कि विशेषज्ञ समिति की निरीक्षण रिपोर्ट, कॉलेज द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद एमबीबीएस सीट बढ़ाने की मंजूरी दी गई है।
पीएमसीएच बिहार के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में शामिल है। यहां पढ़ाई करने के लिए देशभर से छात्र आवेदन करते हैं। सीटों में वृद्धि होने से मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी करने वाले बिहार के छात्रों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
राज्य में डॉक्टरों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए मेडिकल कॉलेजों में सीट बढ़ाना महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, मेडिकल सीटों की संख्या बढ़ने से अधिक छात्र डॉक्टर बनने का सपना पूरा कर सकेंगे। इससे आने वाले वर्षों में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की उपलब्धता भी बेहतर हो सकती है।
हाल के वर्षों में बिहार सरकार और केंद्र सरकार की ओर से चिकित्सा शिक्षा के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना और पुराने संस्थानों में सीट बढ़ाने की प्रक्रिया इसी दिशा में उठाए जा रहे कदमों का हिस्सा है।
पीएमसीएच प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती एनएमसी की ओर से तय मानकों को पूरा करना है। कॉलेज को निर्धारित समय सीमा के अंदर फैकल्टी, सुविधाओं और संसाधनों से जुड़ी सभी कमियों को दूर कर रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद ही सीट वृद्धि की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
एमबीबीएस सीटों में यह बढ़ोतरी बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए अहम मानी जा रही है। इससे मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा और राज्य को भविष्य में अधिक संख्या में प्रशिक्षित डॉक्टर मिल सकेंगे। छात्रों और अभिभावकों के बीच भी इस फैसले को लेकर उत्साह है।





