
बिहार: महत्वाकांक्षी मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना शुरू होने से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई है। करीब 125 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना में कई जगहों पर दरारें और धंसाव की शिकायत सामने आई है। भागलपुर जिले के गनगनिया बेलहरनी नदी के पास सड़क में दरार आने के बाद अब जांच में पुल के ढांचे में भी खामियां सामने आई हैं। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
दैनिक जागरण की पड़ताल में तेलिया तालाब से घोरघाट तक फोरलेन सड़क के करीब 38 किलोमीटर हिस्से में कई जगहों पर दरारें मिलीं। जांच के दौरान छह अलग-अलग स्थानों पर सड़क की सतह खराब पाई गई। सबसे गंभीर स्थिति गनगनिया बेलहरनी नदी के पास देखने को मिली, जहां कुछ दिन पहले करीब 40 मीटर लंबी सड़क धंस गई थी। इसी इलाके में बने लगभग 80 मीटर लंबे पुल के ढांचे में भी दरारें दिखाई दीं।
स्थानीय स्तर पर निर्माण एजेंसी द्वारा दरारों को सीमेंट और अन्य मिश्रण से भरकर अस्थायी रूप से ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि केवल ऊपरी सतह पर मरम्मत करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। यदि सड़क के नीचे मिट्टी की भराई, दबाव या जल निकासी व्यवस्था में कमी है तो भविष्य में दोबारा परेशानी सामने आ सकती है।
गनगनिया क्षेत्र में सड़क धंसने के बाद पहले ही तकनीकी जांच में मिट्टी भराई के स्तर को लेकर सवाल उठ चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क निर्माण में सबग्रेड की मजबूती, मिट्टी की सही तरीके से दबाई, जल निकासी और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है। इनमें किसी भी तरह की लापरवाही लंबे समय तक सड़क और पुल की मजबूती को प्रभावित कर सकती है।
जांच के दौरान रतनपुर के पास पुल के समीप डाउन लाइन की सड़क में भी लंबी दरारें मिलीं। वहीं घोरघाट पुल के पास तीन अलग-अलग स्थानों पर सड़क की सतह पर दरारें दिखाई दीं। हालांकि कुछ दरारें शुरुआती स्तर पर हैं, लेकिन बारिश के मौसम में यदि इनका स्थायी समाधान नहीं किया गया तो समस्या बढ़ सकती है।
स्थानीय लोगों ने भी फोरलेन परियोजना की गुणवत्ता को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बन रही सड़क का उद्घाटन होने से पहले ही खराब होना गंभीर विषय है। लोगों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की स्वतंत्र एजेंसी से गुणवत्ता जांच कराई जाए ताकि भविष्य में यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
एनएचएआई मुंगेर के परियोजना निदेशक मनीष कुमार ने बताया कि बेलहरनी नदी के पास जिस हिस्से में सड़क में दरार आई है, वहां पैनल काटकर सड़क को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां सड़क पर दरारें मिली हैं, वहां जांच कराई जा रही है और कारणों का पता लगाया जा रहा है। इसके आधार पर मरम्मत या पुनर्निर्माण का फैसला लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में नई मिट्टी भराई के बाद बारिश के पानी के अंदर जाने से मिट्टी धंसने की समस्या आई है। इसके अलावा सड़क किनारे स्लोप प्रोटेक्शन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। इसके लिए कृत्रिम घास और अन्य सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे बारिश के दौरान मिट्टी कटाव को रोका जा सके।
मुंगेर-मिर्जाचौकी फोरलेन परियोजना क्षेत्र के विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे में निर्माण के शुरुआती चरण में ही सामने आईं खामियों ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना होगा कि जांच के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं और सड़क की गुणवत्ता को किस तरह सुनिश्चित किया जाता है।





