बिहार

नेपाल सीमा के पास गोदाम में छापेमारी, 60 बोरे चाइनीज लहसुन समेत भारी मात्रा में सामान बरामद

Kavita2
19 Sept 2026 3:52 PM IST
नेपाल सीमा के पास गोदाम में छापेमारी, 60 बोरे चाइनीज लहसुन समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
x

वाल्मीकिनगर। नेपाल सीमा से सटे वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने संदिग्ध तस्करी की सूचना पर बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान एक गोदाम से 60 बोरे चाइनीज लहसुन, विभिन्न प्रकार की सब्जियों के बीज से भरे 298 बोरे और 104 बोरे गुड़ बरामद किए गए हैं। मौके से पश्चिम बंगाल नंबर का एक ट्रक भी जब्त किया गया। पुलिस ने बरामद सामान और वाहन को आगे की जांच एवं कार्रवाई के लिए कस्टम विभाग के हवाले कर दिया है।

पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर की रात सूचना मिली थी कि गंडक नदी के रास्ते नेपाल की ओर से चाइनीज लहसुन समेत संदिग्ध सामान वाल्मीकिनगर थाना क्षेत्र में लाया गया है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने इलाके में निगरानी बढ़ाई और संबंधित ठिकाने के बारे में जानकारी जुटाई।

हवाईअड्डे के पास गोदाम पर छापा

जांच के दौरान पुलिस को हवाईअड्डे के पास स्थित एक गोदाम के बारे में जानकारी मिली। बताया गया कि यह गोदाम राजकुमार नाम के व्यक्ति से जुड़ा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली तो वहां बड़ी मात्रा में बोरियों में रखा सामान मिला।

बरामद सामान की जांच और गिनती की गई। इसमें 60 बोरे चाइनीज लहसुन मिले। इसके अलावा अलग-अलग सब्जियों के बीज के कुल 298 बोरे और गुड़ के 104 बोरे बरामद किए गए। इतनी बड़ी मात्रा में सामान एक ही जगह मिलने के बाद पुलिस ने उसके स्रोत और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू की।

मौके पर पश्चिम बंगाल के रजिस्ट्रेशन नंबर वाला एक ट्रक भी मिला। आशंका है कि सामान के परिवहन में इस वाहन का इस्तेमाल किया गया होगा। हालांकि इसकी पुष्टि कस्टम विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही होगी।

गंडक नदी के रास्ते सामान आने की सूचना

एसपी राजेश कुमार के मुताबिक, 16 सितंबर की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि गंडक नदी के रास्ते नेपाल से कुछ सामान वाल्मीकिनगर इलाके में पहुंचाया गया है। सूचना में चाइनीज लहसुन का भी उल्लेख था। इसके बाद संबंधित क्षेत्र में कार्रवाई की गई और गोदाम से भारी मात्रा में सामान बरामद हुआ।

नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में नदियों, ग्रामीण रास्तों और दुर्गम इलाकों के कारण अवैध रूप से सामान लाने-ले जाने की आशंका बनी रहती है। इसी वजह से सीमा क्षेत्र में पुलिस, सीमा सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियां और कस्टम विभाग संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं।

गंडक नदी का क्षेत्र भी भारत-नेपाल सीमा के नजदीक होने के कारण संवेदनशील माना जाता है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बरामद सामान वास्तव में किस रास्ते से गोदाम तक पहुंचा और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका हो सकती है।

कस्टम विभाग को सौंपा गया सामान

छापेमारी के बाद पुलिस ने बरामद सभी बोरियों और ट्रक को कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दिया। अब कस्टम अधिकारी सामान से संबंधित दस्तावेज, आयात की वैधता, स्रोत और परिवहन की पूरी श्रृंखला की जांच करेंगे।

यह भी पता लगाया जाएगा कि सामान नेपाल से लाया गया था या किसी दूसरे स्थान से गोदाम तक पहुंचा था। यदि नेपाल से सामान आने की पुष्टि होती है तो यह जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा कि उसे वैध सीमा शुल्क प्रक्रिया के तहत भारत में लाया गया था या नहीं।

पुलिस की कार्रवाई शुरुआती सूचना के आधार पर हुई है, इसलिए बरामद प्रत्येक वस्तु को बिना कस्टम जांच के अवैध या प्रतिबंधित घोषित करना उचित नहीं होगा। कस्टम विभाग की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही सामान की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।

298 बोरे सब्जियों के बीज भी मिले

इस कार्रवाई में सबसे अधिक संख्या सब्जियों के बीज वाले बोरों की है। कुल 298 बोरे अलग-अलग सब्जियों के बीज के बताए जा रहे हैं। इसके अलावा 104 बोरे गुड़ और 60 बोरे चाइनीज लहसुन बरामद हुए हैं।

अब अधिकारी यह जांच करेंगे कि इन वस्तुओं की खरीद कहां से हुई, इन्हें किसके नाम पर मंगाया गया था और आगे कहां भेजा जाना था। गोदाम से संबंधित दस्तावेजों और ट्रक के रिकॉर्ड की जांच से सामान की सप्लाई चेन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

वाहन के चालक, मालिक और सामान से जुड़े व्यापारियों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सकती है। पश्चिम बंगाल नंबर के ट्रक की मौजूदगी के कारण वाहन की पिछली आवाजाही और उससे जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ सकते हैं।

सीमा क्षेत्र में बढ़ाई गई निगरानी

कार्रवाई के बाद नेपाल सीमा से जुड़े रास्तों पर निगरानी और बढ़ाए जाने की संभावना है। पुलिस और कस्टम विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मामला केवल एक खेप तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। फिलहाल किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की मौजूदगी को जांच पूरी होने से पहले तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।

बरामद सामान की वास्तविक कीमत का विवरण अभी सामने नहीं आया है। कस्टम विभाग सामान की मात्रा, गुणवत्ता और बाजार मूल्य के आधार पर इसका आकलन कर सकता है।

पूरे मामले में गोदाम संचालक या उससे जुड़े लोगों की भूमिका भी जांच का विषय है। सामान किसका था, किसने मंगाया था और गोदाम में कितने समय से रखा गया था, इन सवालों के जवाब दस्तावेजों और पूछताछ के आधार पर सामने आएंगे।

फिलहाल वाल्मीकिनगर पुलिस की कार्रवाई में 60 बोरे चाइनीज लहसुन, 298 बोरे सब्जियों के बीज, 104 बोरे गुड़ और एक ट्रक बरामद हुआ है। आगे की कार्रवाई कस्टम विभाग की जांच पर निर्भर करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद खेप में सीमा शुल्क या आयात से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ था या नहीं।

Next Story