
पश्चिम चंपारण। बिहार समेत पूरे देश में नवरात्र का पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी बीच बिहार के पश्चिम चंपारण जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। नवरात्र के पहले दिन रविवार को रामनगर थाना क्षेत्र के खटौरी गांव के समीप कलश यात्रा के दौरान हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि 18 लोग झुलस गए। इस घटना के बाद धार्मिक आयोजन के बीच अफरा-तफरी मच गई। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। इनमें से पांच लोगों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जीएमसीएच बेतिया रेफर किया गया है।
हादसे में जान गंवाने वाले दोनों बच्चे भैरोगंज थाना क्षेत्र के सहसराव गांव के रहने वाले थे। मृतकों की पहचान यशवंत बीन के 10 वर्षीय पुत्र सर्वेश कुमार और प्रभु पंडित के 12 वर्षीय पुत्र नीरज कुमार के रूप में हुई है। नवरात्र के पहले ही दिन दो बच्चों की मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। वहीं, हादसे में 18 लोगों के झुलसने से इलाके में चिंता का माहौल है।
कलश यात्रा के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, रविवार को नवरात्र के पहले दिन पश्चिम चंपारण जिले के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत खटौरी गांव के समीप कलश यात्रा निकाली जा रही थी। इसी दौरान यात्रा में शामिल लोग हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गए। बिजली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य लोग झुलस गए।
धार्मिक आयोजन के दौरान हुए इस हादसे से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कलश यात्रा में शामिल लोगों के बीच अचानक चीख-पुकार की स्थिति बन गई। घटना में कई लोगों के झुलसने के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
नवरात्र के पहले दिन श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित की जा रही कलश यात्रा में इस तरह का हादसा होने से धार्मिक आयोजन का माहौल गमगीन हो गया। घटना में दो बच्चों की जान चली गई, जबकि घायल लोगों को इलाज की जरूरत पड़ी।
दो परिवारों ने खोए अपने बच्चे
हादसे में मृत सर्वेश कुमार की उम्र महज 10 वर्ष थी। वह यशवंत बीन के पुत्र थे। वहीं, दूसरे मृतक नीरज कुमार की उम्र 12 वर्ष थी और वह प्रभु पंडित के पुत्र थे। दोनों बच्चे भैरोगंज थाना क्षेत्र के सहसराव गांव के निवासी थे।
कम उम्र में दोनों बच्चों की मौत से उनके परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है। नवरात्र जैसे धार्मिक पर्व की शुरुआत में हुए इस हादसे ने परिजनों की खुशियों को मातम में बदल दिया। घटना के बाद मृतकों के परिवारों और स्थानीय लोगों के बीच शोक का माहौल है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चों की मौत हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से हुई। हादसे के दौरान उनके साथ मौजूद अन्य लोग भी इसकी चपेट में आए, जिनमें कुल 18 लोगों के झुलसने की सूचना है।
18 लोग झुलसे, पांच को बेतिया भेजा गया
हादसे में झुलसे 18 लोगों को चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी। इनमें से पांच घायलों को बेहतर उपचार के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच), बेतिया रेफर किया गया है। अन्य घायलों के उपचार को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने के बाद उनके इलाज की व्यवस्था की गई। पांच लोगों को जीएमसीएच बेतिया भेजे जाने से संकेत मिलता है कि उन्हें आगे के उपचार की जरूरत थी। हालांकि, घायलों की चोटों की गंभीरता और उनकी वर्तमान स्थिति के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
हादसे में घायल लोगों के परिजन भी उनकी स्थिति को लेकर चिंतित हैं। दो बच्चों की मौत और 18 लोगों के झुलसने की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है।
नवरात्र के पहले दिन पसरा मातम
नवरात्र का पहला दिन देशभर में धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर कई जगहों पर कलश यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। पश्चिम चंपारण में भी कलश यात्रा के दौरान लोग धार्मिक आयोजन में शामिल थे, लेकिन हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से यह कार्यक्रम दर्दनाक हादसे में बदल गया।
दो बच्चों की मौत और 18 लोगों के झुलसने की खबर से इलाके में शोक का माहौल बन गया। जिन परिवारों के सदस्य हादसे में घायल हुए हैं, वे उनके उपचार को लेकर चिंतित हैं। वहीं, मृत बच्चों के परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।
बिजली तार की चपेट में आने से हुआ हादसा
इस घटना में हाईटेंशन बिजली तार की भूमिका प्रमुख रही। कलश यात्रा के दौरान तार की चपेट में आने से लोगों के झुलसने और दो बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और बिजली तार से संपर्क किस तरह हुआ, इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल घटना में दो बच्चों की मौत और 18 लोगों के झुलसने की पुष्टि हुई है। पांच घायलों को जीएमसीएच बेतिया रेफर किया गया है। हादसे के कारणों और अन्य परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
पश्चिम चंपारण के रामनगर थाना क्षेत्र के खटौरी गांव के समीप हुई इस घटना ने नवरात्र के पहले दिन की खुशियों को मातम में बदल दिया। अब सभी की निगाहें घायलों के उपचार और उनकी स्थिति से जुड़ी जानकारी पर टिकी हैं।





