छत्तीसगढ़
सेवा की कहानी: बागबाहरा में दुकान संचालित कर कमा रहीं 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह
Shantanu Roy
2 Oct 2026 11:46 PM IST

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Mahasamund. महासमुंद। जिले के विकासखंड बागबाहरा अंतर्गत ग्राम बोदरीदादर निवासी दीपिका चन्द्राकर ने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से सिलाई एवं ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने अपने कौशल और स्थानीय बाजार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए ग्राम में दुकान खोलने के बजाय पास के नगर पंचायत बागबाहरा में अपनी दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। आज उनकी सोच उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ परिवार की आय में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।
दीपिका बताती हैं कि आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उनके मन में स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का विचार आया। उन्होंने महसूस किया कि गांव में दुकान संचालित करने की अपेक्षा बागबाहरा नगर में दुकान शुरू करने से अधिक ग्राहकों तक पहुंच बनाई जा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने बागबाहरा में अपनी बूूटीक एवं ब्यूटी पार्लर दुकान शुरू करने का निर्णय लिया। व्यवसाय शुरू करने के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता नहीं थी। दीपिका ने अपने घर की बचत से लगभग 50 हजार रुपये की राशि लगाकर दुकान प्रारंभ की। सीमित पूंजी से शुरू किया गया यह व्यवसाय धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा और आज उनकी दुकान से उन्हें लगभग 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह की आय प्राप्त हो रही है।
दीपिका का कहना है कि आरसेटी के प्रशिक्षण ने उन्हें स्वरोजगार शुरू करने के लिए आवश्यक जानकारी, आत्मविश्वास और मार्गदर्शन प्रदान किया। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने स्वयं निर्णय लेकर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग किया और छोटे स्तर से व्यवसाय की शुरुआत की और आज नियमित आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
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