छत्तीसगढ़
स्कूल में तालाबंदी के बाद एक्शन, बाबू और भृत्य निलंबित
Shantanu Roy
19 Sept 2026 8:19 PM IST

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छग
Surajpur. सूरजपुर। जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सिलफिली में छात्रों की तालाबंदी और विरोध-प्रदर्शन के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। स्कूल में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 देवी प्रसाद और भृत्य पायल सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं स्कूल के प्राचार्य और एक व्याख्याता के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों की भूमिका की जांच के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, बीते दिनों शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला सिलफिली के छात्र-छात्राओं ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर स्कूल में तालाबंदी कर दी थी। इस दौरान छात्रों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन भी किया था। विद्यार्थियों के प्रदर्शन और स्कूल में तालाबंदी की सूचना मिलने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों के कामकाज से जुड़ी शिकायतों की जानकारी ली गई। जांच में स्कूल में सहायक ग्रेड-3 के पद पर कार्यरत देवी प्रसाद के खिलाफ वेतन संबंधी काम में लापरवाही बरतने के आरोप सामने आए।
बताया गया कि वेतन संबंधी कार्य समय पर और सही तरीके से नहीं किए जाने के कारण स्कूल के अन्य कर्मचारियों को कई तरह की विसंगतियों और परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसके अलावा देवी प्रसाद के नियमित रूप से स्कूल नहीं आने की शिकायत भी सामने आई। उनके खिलाफ कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल आने की शिकायत मिलने की बात भी कही गई है। इन शिकायतों और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने सहायक ग्रेड-3 देवी प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन की अवधि में उनके संबंध में विभागीय नियमों के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
वहीं छात्रों द्वारा स्कूल में तालाबंदी किए जाने के दौरान भृत्य पायल सिंह की भूमिका को लेकर भी शिकायत सामने आई। आरोप है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान पायल सिंह ने छात्र-छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार किया था। मामले को शिक्षा विभाग ने संज्ञान में लिया और शिकायत की जांच के बाद भृत्य पायल सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के बाद उनका मुख्यालय चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र में निर्धारित किए जाने की जानकारी है। मामला केवल इन दोनों कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। स्कूल के प्राचार्य और एक व्याख्याता की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है। विभागीय स्तर पर उनकी भूमिका की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
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