छत्तीसगढ़

ग्रामीणों को रोजगार देने में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, 4 बर्खास्त और 2 निलंबित

Shantanu Roy
14 Oct 2026 9:55 PM IST
ग्रामीणों को रोजगार देने में लापरवाही पर प्रशासन सख्त, 4 बर्खास्त और 2 निलंबित
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Sukma. सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। वीबी-जी राम जी योजना के तहत विकास कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाने, रोजगार उपलब्ध कराने में उदासीनता और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं करने के मामले में एक तकनीकी सहायक सहित तीन ग्राम रोजगार सहायकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। इसके अलावा दो पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद जिले के पंचायत और प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई है।
जानकारी के अनुसार, सुकमा जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित शासकीय योजनाओं और विकास कार्यों की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी दौरान वीबी-जी राम जी योजना के क्रियान्वयन में कई गंभीर कमियां सामने आईं। संबंधित कर्मचारियों पर विकास कार्यों की स्वीकृति में ढिलाई बरतने, रोजगार सृजन के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा नहीं करने और ग्रामीण श्रमिकों को समय पर काम उपलब्ध नहीं कराने के आरोप थे। प्रशासनिक जांच में यह भी सामने आया कि योजना के तहत न्यूनतम मानव दिवस सृजित करने की दिशा में अपेक्षित कार्य नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (एनएमएमएस) ऐप के माध्यम से श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने में भी लापरवाही पाई गई। इस ऐप का उपयोग कार्यस्थल पर श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने और निगरानी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए किया जाता है।
जांच के दौरान संबंधित कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा की गई। प्रशासन ने योजना के संचालन में उदासीनता और जिम्मेदारियों का संतोषजनक निर्वहन नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई का निर्णय लिया। कलेक्टर अमित कुमार की ओर से जारी आदेश के तहत जनपद पंचायत सुकमा में पदस्थ तकनीकी सहायक अनिल कवासी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इसी तरह जनपद पंचायत कोंटा की ग्राम पंचायत मरईगुड़ा में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक सोयम जोगेश्वर उर्फ जोगेश कुमार को भी सेवा से हटा दिया गया है। इसके अलावा जनपद पंचायत सुकमा की ग्राम पंचायत सिरसट्टी के ग्राम रोजगार सहायक सुरेंद्र पदामी और जनपद पंचायत छिंदगढ़ की ग्राम पंचायत पुसगुन्ना में पदस्थ ग्राम रोजगार सहायक देवाराम मुचाकी की सेवाएं भी तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
जिला प्रशासन ने दो पंचायत सचिवों के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की है। ग्राम पंचायत मिलमपल्ली के सचिव मड़कम लख्खा, जिनके पास पोटकपल्ली का अतिरिक्त प्रभार भी था, को निलंबित किया गया है। इसी प्रकार ग्राम पंचायत ढोंढरा के सचिव मौसम तम्मैया, जिनके पास डब्बाकोंटा का अतिरिक्त प्रभार था, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। तकनीकी सहायक अनिल कवासी के मामले में विभागीय अनुशासनहीनता से जुड़ी गंभीर जानकारी भी सामने आई है। प्रशासन के अनुसार, वे योजना के निर्धारित कार्यों में लापरवाही बरतने के साथ लगातार समीक्षा बैठकों से अनुपस्थित रहे थे।
उन्हें जिला और जनपद स्तर से कुल 12 बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने नोटिस का जवाब प्रस्तुत नहीं किया और न ही कार्यप्रणाली में संतोषजनक सुधार किया। प्रशासन ने बार-बार नोटिस जारी होने के बाद भी स्पष्टीकरण नहीं दिए जाने को गंभीरता से लेते हुए उनकी सेवा समाप्त करने का निर्णय लिया। जिला प्रशासन की इस कार्रवाई में कुल छह कर्मचारियों के खिलाफ आदेश जारी किए गए हैं। इनमें चार कर्मचारियों की सेवा समाप्ति और दो पंचायत सचिवों का निलंबन शामिल है।
ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए निर्धारित कार्यों को समय पर पूरा करना आवश्यक है। इसके साथ ही श्रमिकों की उपस्थिति, मानव दिवस सृजन और स्वीकृत विकास कार्यों की प्रगति का रिकॉर्ड रखना भी योजना के क्रियान्वयन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सुकमा जिला प्रशासन ने इन्हीं जिम्मेदारियों के निर्वहन में पाई गई कमियों के आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस निर्णय से स्पष्ट किया गया है कि योजनाओं के संचालन में निर्धारित प्रक्रियाओं और प्रशासनिक निर्देशों का पालन आवश्यक है। फिलहाल चार कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है और दो पंचायत सचिव निलंबित किए गए हैं। जिला प्रशासन की यह कार्रवाई वीबी-जी राम जी योजना में कार्यों की प्रगति, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़ी है।
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