छत्तीसगढ़

बालोद में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम, शहीद परिवारों का हुआ सम्मान

Shantanu Roy
9 Aug 2026 11:36 PM IST
बालोद में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम, शहीद परिवारों का हुआ सम्मान
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Balod. बालोद। बालोद में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की ओर से रामघाट स्थित बालाजी रिजॉर्ट में ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी गई और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया। इस दौरान शहीद परिवारों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। राजनांदगांव से आए म्यूजिकल ग्रुप ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में देशभक्ति का माहौल बनाया और वीर जवानों के बलिदान को याद किया।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पूजा-अर्चना के साथ हुई। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, भाजपा और भाजयुमो के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने दो मिनट का मौन रखकर देश के लिए बलिदान देने वाले शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान कार्यक्रम स्थल ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से गूंज उठा। लोगों ने देशभक्ति के नारों के साथ वीर जवानों के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान व्यक्त किया। कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया, जब देश की सुरक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों के परिजनों को मंच पर आमंत्रित किया गया। आयोजकों ने शहीद परिवारों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। सम्मान समारोह के दौरान मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों के साथ-साथ उनके परिवारों का योगदान और त्याग भी हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
कार्यक्रम में बालोद की एसपी किरण गंगाराम चौहान ने शहीदों के बलिदान और उनके परिवारों की भूमिका पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शहीद केवल एक सैनिक नहीं होता, बल्कि वह किसी परिवार का बेटा, भाई, पति और पिता भी होता है। जब कोई जवान देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान देता है, तो उसके परिवार को भी जीवनभर एक बड़े त्याग से गुजरना पड़ता है। एसपी ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जवानों का बलिदान सर्वोच्च है, लेकिन उनके परिवारों के त्याग को भी समाज को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीदों को याद रखना और उनके परिवारों का सम्मान करना केवल किसी एक संस्था या संगठन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का दायित्व है। ऐसे आयोजन लोगों को देश के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले वीर जवानों के योगदान को समझने का अवसर देते हैं।
कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर प्राची ठाकुर ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को शहीदों के साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। आज की युवा पीढ़ी को देश के वीर जवानों की कहानियों और उनके बलिदान से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहीदों के जीवन और उनके योगदान को याद करने से युवाओं में देश के प्रति जिम्मेदारी और राष्ट्रसेवा की भावना मजबूत होती है। भाजयुमो जिलाध्यक्ष गुलशन साहू ने कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी देते हुए कहा कि ‘एक शाम शहीदों के नाम’ आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश के वीर जवानों के त्याग और राष्ट्रसेवा से प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जवानों ने जो बलिदान दिया है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। युवाओं को शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्रहित में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान राजनांदगांव से आए म्यूजिकल ग्रुप ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। गीतों के माध्यम से जवानों के साहस, शौर्य और बलिदान को याद किया गया। देशभक्ति गीतों ने कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों में उत्साह और भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया। लोगों ने गीतों की प्रस्तुति का आनंद लिया और वीर जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। आयोजन में शहीद परिवारों के सदस्यों के अलावा भाजपा और भाजयुमो के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इसके साथ ही बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की गई। ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम ने लोगों को यह संदेश दिया कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जवानों का बलिदान हमेशा याद रखा जाना चाहिए। साथ ही उनके परिवारों के सम्मान और सहयोग के लिए समाज को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। आयोजन में मौजूद लोगों ने शहीदों को नमन करते हुए राष्ट्रसेवा की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।
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