छत्तीसगढ़

निष्कासित पूर्व महामंत्री पर एक और FIR दर्ज

Shantanu Roy
5 Sept 2026 12:11 PM IST
निष्कासित पूर्व महामंत्री पर एक और FIR दर्ज
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Baloda Bazar. बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में फर्जी ट्रांसफर आदेश मामले में जेल में बंद भाजपा से निष्कासित पूर्व महामंत्री कृष्णा अवस्थी और उनके बेटे प्रणव अवस्थी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों पर अब जिला अस्पताल में वार्ड बॉय की नौकरी दिलाने के नाम पर छह लोगों से कुल 6 लाख रुपए लेने का आरोप लगा है। शिकायत मिलने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ताओं ने कथित लेनदेन से जुड़े वीडियो और अन्य दस्तावेज भी पुलिस को सौंपे हैं। पुलिस को दी गई शिकायत ग्राम ओड़ान के पूर्व सरपंच जीवन लाल कमल ने की है। शिकायत के मुताबिक, गांव के ही भाजपा कार्यकर्ता नाथूराम वर्मा के माध्यम से उनकी मुलाकात कृष्णा अवस्थी से हुई थी।
आरोप है कि कृष्णा अवस्थी ने जिला अस्पताल में वार्ड बॉय के छह पदों पर युवकों की नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। इसके बदले प्रत्येक उम्मीदवार से एक-एक लाख रुपए लेने की बात कही गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पहली बार 14 सितंबर 2025 को कृष्णा अवस्थी ने कथित तौर पर 3 लाख रुपए लिए। इसके बाद 14 फरवरी 2026 को बलौदाबाजार स्थित भाजपा कार्यालय में बुलाकर 3 लाख रुपए और लिए गए। इस तरह छह उम्मीदवारों से कुल 6 लाख रुपए दिए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, कृष्णा अवस्थी के पैसे लेते हुए वीडियो भी सामने आया है, जिसे पुलिस को सौंपा गया है।
बेटे के पास भेजे गए युवक
शिकायत के अनुसार, पैसे लेने के बाद कृष्णा अवस्थी ने नौकरी के इच्छुक युवकों को अपने बेटे प्रणव अवस्थी के पास भेजा। आरोप है कि प्रणव कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कैंटीन में युवकों से मिला। वहां उनसे अंकसूची, फोटो, बैंक पासबुक सहित अन्य जरूरी दस्तावेज लिए गए। इसके अलावा कुछ कागजों पर उनके हस्ताक्षर भी करवाए गए। युवकों को कथित तौर पर भरोसा दिलाया गया था कि 24 अगस्त 2026 को उन्हें ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा और इसके बाद जिला अस्पताल में नौकरी शुरू हो जाएगी। हालांकि तय तारीख गुजरने के बाद भी किसी को नौकरी नहीं मिली। इसके बाद उम्मीदवारों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पैसे लौटाने के बजाय दोनों पिता-पुत्र लगातार टालमटोल करते रहे।
रायपुर कलेक्ट्रेट ले जाने का भी आरोप
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने पैसे वापस करने के लिए दबाव बनाया तो कृष्णा अवस्थी उन्हें रायपुर कलेक्ट्रेट भी ले गए। वहां अधिकारियों से बातचीत कर नौकरी का रास्ता साफ कराने का भरोसा दिया गया। इसके बाद उन्हें बलौदाबाजार जिला अस्पताल में ज्वाइनिंग के लिए बुलाया गया, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका। इसी बीच कृष्णा अवस्थी को पलारी थाना पुलिस ने फर्जी तबादला आदेश मामले में गिरफ्तार कर लिया। उनके बेटे प्रणव अवस्थी की भी इस मामले में पहले गिरफ्तारी हो चुकी है। दोनों फिलहाल न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। अब वार्ड बॉय की नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने के आरोप में नया मामला दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। पुलिस लेनदेन से जुड़े वीडियो, दस्तावेजों और शिकायतकर्ताओं के बयानों के आधार पर आरोपों की पुष्टि करने में जुटी है। मामले में आगे जांच के दौरान अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।
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