छत्तीसगढ़

CG: झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप, 3 साल के बच्चे की मौत

Shantanu Roy
20 Aug 2026 3:24 PM IST
CG: झोलाछाप डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप, 3 साल के बच्चे की मौत
x
छग
Balrampur. बलरामपुर। जिले में झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद एक 3 साल के मासूम की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक बच्चे की पहचान अभीस चेरवा के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि बुखार के इलाज के दौरान झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मामले में कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
पूरा मामला बलरामपुर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम जमुआटांड़ का है। मृतक बच्चे के पिता रमेश चेरवा के अनुसार, उनके बेटे अभीस को कुछ दिनों से बुखार था। इसके बाद वे उसे इलाज के लिए सरनाडीह गांव में रहने वाले भूलेश्वर सिंह के पास लेकर गए थे। बताया जा रहा है कि भूलेश्वर सिंह खुद को डॉक्टर बताकर इलाज कर रहा था। परिजनों के मुताबिक, बच्चे को मौसमी बुखार बताकर इलाज किया जा रहा था। इसी दौरान झोलाछाप डॉक्टर ने बच्चे को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद ही उसकी हालत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन उसे लेकर घर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।
मासूम की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली थाना प्रभारी भापेंद्र साहू ने बताया कि बुखार आने पर परिजन तीन साल के बच्चे को सरनाडीह में झोलाछाप डॉक्टर भूलेश्वर सिंह के पास लेकर गए थे। वहां इंजेक्शन लगाने के बाद बच्चे की हालत खराब हुई और उसकी मौत हो गई। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। ग्रामीण इलाकों में बिना पर्याप्त जानकारी और संसाधनों के इलाज करने वाले ऐसे लोगों के कारण कई बार मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मांग की है कि ऐसे अवैध क्लीनिक और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जानकारी के अनुसार, बलरामपुर कोतवाली क्षेत्र में पिछले तीन महीने के अंदर झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से यह चौथी मौत बताई जा रही है। लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आने वाले समय में और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में बिलासपुर दौरे के दौरान छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने झोलाछाप डॉक्टरों को लेकर बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि प्रदेश में कोई भी झोलाछाप डॉक्टर नहीं है और सभी लोग अपने स्तर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि किसी के काम को अपमानित नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन बिना लाइसेंस और नियमों के विपरीत काम करने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। अब बलरामपुर में मासूम बच्चे की मौत के बाद एक बार फिर झोलाछाप डॉक्टरों की भूमिका और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ हो पाएगा कि बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज में किसी तरह की लापरवाही बरती गई थी या नहीं।
Tagsबलरामपुरझोलाछाप डॉक्टरमासूम की मौतअभीस चेरवाइंजेक्शन से मौतस्वास्थ्य व्यवस्थाबलरामपुर पुलिसछत्तीसगढ़ न्यूजग्रामीण स्वास्थ्यअवैध क्लीनिकफर्जी डॉक्टरबुखार इलाजपोस्टमार्टम रिपोर्टपुलिस जांचस्वास्थ्य विभागसरनाडीह मामलाजमुआटांड़ घटनाडॉक्टर की लापरवाहीछत्तीसगढ़ क्राइमकोतवाली थानाबच्चे की मौतमेडिकल लापरवाहीग्रामीण इलाकास्वास्थ्य मंत्री बयानअवैध इलाजडॉक्टर कार्रवाईमौत का मामलापुलिस कार्रवाईछत्तीसगढ़ स्वास्थ्यइलाज में लापरवाहीबलरामपुर खबरBalrampurquack doctordeath of an innocent childAbhis Chervadeath following an injectionhealthcare systemBalrampur PoliceChhattisgarh newsrural healthcareillegal clinicfake doctorfever treatmentpost-mortem reportpolice investigationHealth DepartmentSarnadih caseJamuatand incidentmedical negligenceChhattisgarh crimeKotwali police stationchild's deathrural areaHealth Minister's statementillegal treatmentaction against doctordeath casepolice actionChhattisgarh healthnegligence in treatmentBalrampur news
Next Story