अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई

Raipur. रायपुर। अंतरराष्ट्रीय विज्ञान प्रतियोगिताओं में भारतीय विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। 58वें अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड और 37वें अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय टीम के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी विजेता विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय छात्रों ने वैश्विक मंच पर देश का गौरव बढ़ाते हुए विज्ञान के क्षेत्र में नई उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने इसे देश के युवाओं की प्रतिभा, परिश्रम और वैज्ञानिक सोच का प्रमाण बताया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में कहा कि 58वें अंतरराष्ट्रीय रसायन विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय टीम ने सभी चार स्वर्ण पदक जीतकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। वहीं 37वें अंतरराष्ट्रीय जीव विज्ञान ओलंपियाड में भारत ने एक स्वर्ण और तीन रजत पदक जीतकर विश्व स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव का भी प्रतीक है। भारतीय विद्यार्थियों ने कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच अपनी मेधा और मेहनत के दम पर दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय छात्रों की यह सफलता देश के लाखों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी भारत के युवा विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेंगे।
उन्होंने विजेता विद्यार्थियों के समर्पण, अनुशासन और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता से यह साबित होता है कि भारतीय युवाओं में विश्व स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की असीम क्षमता है। यह उपलब्धि देश की शिक्षा व्यवस्था और वैज्ञानिक प्रतिभा के विकास की दिशा में भी सकारात्मक संकेत देती है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी पदक विजेता विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करते रहें और विज्ञान एवं अनुसंधान के क्षेत्र में भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभाशाली छात्र देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं और उनकी उपलब्धियां पूरे राष्ट्र को गौरवान्वित करती हैं।
भारत की इस ऐतिहासिक सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि देश के युवा विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभाने की क्षमता रखते हैं। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को वैज्ञानिक सोच अपनाने और अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।





